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नीलामी के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, प्रशासन ने सील की संपत्ति
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बहराइच। शहर के रामगांव रोड स्थित आरके पैराबोइलिंग राइस मिल के मालिक की ओर से इंडियन बैंक से पांच करोड़ का लोन लेेने के बाद चुकाया नहीं गया था। जिस पर बैंक की ओर से राइस मिल की संपत्तियों की नीलामी कर दी गई थी। नीलामी के बाद भी मिल मालिक की ओर से नीलाम की गई दो संपत्तियों को कब्जा मुक्त नहीं किया गया। जिस पर बुुधवार को कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक टीम ने दोनों संपत्तियों को सील कर दिया और मकान खाली करने के लिए मिल मालिक को एक अगस्त तक का समय दिया गया है।
इंडियन बैंक की लोहा मंडी स्थित मुख्य शाखा के प्रबंधक राजेश्वर लाल प्रजापति ने बताया कि राइस मिल मालिक की ओर से साल 2013 में बैंक से 2.85 करोड़ का लोन लिया गया था। इसके बाद एक करोड़ की सीसी लिमिट बढ़ाई गई थी। इसके बाद साल 2015 में लोन की सीसी लिमिट को 2.5 करोड़ करवा लिया गया। लेकिन मिल मालिक की ओर से लोन धनराशि जमा नहीं की गई और साल 2019 में मिल पर 5.33 करोड़ का लोन हो गया और इसे एनपीए घोषित कर दिया गया।
बैंक की ओर से लोन राशि जमा न करने पर साल 2019 में बैंक में गारंटी के तौर मिल मालिक की ओर से रखी गई चारो संपत्तियों नीलामी कर दी गई। जिसमें से गाटा संख्या 1794 पर स्थित मिल व मशीनरी और चंदर्खा बुजुर्ग स्थित संपत्ति पर तो बैंक को कब्जा मिल गया और इसे नीलामी द्वारा संपत्ति हासिल करने वालों को सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन बची दो संपत्तियों पर मिल मालिक की ओर से कब्जा नहीं दिया जा रहा था। जिस पर जिलाधिकारी कोर्ट से आदेश लेकर प्रशासनिक अमले के साथ कब्जा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों संपत्तियों को सील कर दिया गया है और रह रहे लोगों को एक अगस्त तक मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक टीम में नायब तहसीलदार हबीबउररहमान, राजस्व निरीक्षक व रामगांव पुलिस मौजूद रही।
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इंडियन बैंक की लोहा मंडी स्थित मुख्य शाखा के प्रबंधक राजेश्वर लाल प्रजापति ने बताया कि राइस मिल मालिक की ओर से साल 2013 में बैंक से 2.85 करोड़ का लोन लिया गया था। इसके बाद एक करोड़ की सीसी लिमिट बढ़ाई गई थी। इसके बाद साल 2015 में लोन की सीसी लिमिट को 2.5 करोड़ करवा लिया गया। लेकिन मिल मालिक की ओर से लोन धनराशि जमा नहीं की गई और साल 2019 में मिल पर 5.33 करोड़ का लोन हो गया और इसे एनपीए घोषित कर दिया गया।
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बैंक की ओर से लोन राशि जमा न करने पर साल 2019 में बैंक में गारंटी के तौर मिल मालिक की ओर से रखी गई चारो संपत्तियों नीलामी कर दी गई। जिसमें से गाटा संख्या 1794 पर स्थित मिल व मशीनरी और चंदर्खा बुजुर्ग स्थित संपत्ति पर तो बैंक को कब्जा मिल गया और इसे नीलामी द्वारा संपत्ति हासिल करने वालों को सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन बची दो संपत्तियों पर मिल मालिक की ओर से कब्जा नहीं दिया जा रहा था। जिस पर जिलाधिकारी कोर्ट से आदेश लेकर प्रशासनिक अमले के साथ कब्जा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों संपत्तियों को सील कर दिया गया है और रह रहे लोगों को एक अगस्त तक मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक टीम में नायब तहसीलदार हबीबउररहमान, राजस्व निरीक्षक व रामगांव पुलिस मौजूद रही।
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