फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   pool floated away, 3 thousand peolpe effected

पीपे का पुल बहा, तीन हजार लोग परेशान

Mon, 23 Nov 2015 09:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Mon, 23 Nov 2015 09:59 PM IST
विज्ञापन
राजीचौराहा (बहराइच)। बहराइच और सीतापुर को जोड़ने वाले चहलारीघाट पर बना पीपे का पुल रविवार रात अचानक घाघरा में जलस्तर बढ़ने से बह गया।
विज्ञापन


पुल के छह पीपे निकलकर दो किलोमीटर दूर निकल गए। पुल से होकर प्रतिदिन यात्रा करने वाले तीन हजार आबादी को काफी असुविधा हो रही है। लोगों को अब नाव और स्टीमर का ही सहारा है।

सीतापुर जिले की सीमा बहराइच से सटी है लेकिन सीतापुर पहुंचने के लिए सीधा मार्ग नहीं है। सीमा परिक्षेत्र में घाघरा नदी होने के चलते आवागमन आए दिन प्रभावित रहता है।
विज्ञापन


बरसात के बाद लोक निर्माण विभाग चहलारीघाट पर पीपे का पुल बनाकर सीतापुर से आवागमन सुगम बनाता है। इस बार भी नवंबर के प्रथम सप्ताह में लगभग 150 मीटर लंबा पुल तैयार हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों को इससे काफी सहूलियत थी लेकिन रविवार रात अचानक घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते पीपे के पुल टूट गया। छह पीपे बहकर दो किलोमीटर दूर निकल गए हैं। अब लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी उन पीपों को लाने की मशक्कत कर रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि जलस्तर बढ़ने के चलते पीपे का पुल क्षतिग्रस्त हुआ है लेकिन दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। शीघ्र ही पुल पर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।

बैराज के गेट खुलने से बढ़ा जलस्तर

चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के सहायक अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि बैराज की सफाई के लिए इसके सारे गेट 17 नवंबर से 19 नवंबर तक खोले गए थे। इस कारण एक साथ बहुत ज्यादा पानी घाघरा नदी में उतरा, जिससे उसका जलस्तर अचानक बढ़ गया है। 

नदी के बीचोबीच स्टीमर खराब होने से 20 लोगों की सांसें अटकीं

घाघरा पार करने के लिए एकमात्र स्टीमर ही सहारा है। चहलारीघाट से सीतापुर की सीमा तक स्टीमर से लगभग छह किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है।

पुल न होने के चलते सोमवार सुबह लोग स्टीमर पर सवार हुए लेकिन नदी के बीचोबीच पहुंचकर स्टीमर का पंखा टूट गया। इसके चलते स्टीमर पर सवार 20 यात्रियों की सांसें अटक गईं।

इन 20 यात्रियों के साथ ही स्टीमर पर 18 बाइकें थीं। किसी तरह मोबाइल से लोगों ने चहलारीघाट संपर्क किया। दो घंटे बाद नाव से पहुंचे नाविकों ने खराब हुए स्टीमर को खींचकर किनारे पहुंचाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली।

अभी पुल बनने में एक साल लगेगा

बहराइच और सीतापुर के बीच आवागमन सुगम करने के लिए चार वर्ष से चहलारीघाट पर पुल का निर्माण हो रहा है। अब तक लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। लेकिन, जहां पर पुल बन रहा था, नदी वहां से खिसक कर दो किलोमीटर आगे चली गई है।


ऐसे में छह माह पूर्व आईआईटी रुड़की के अभियंताओं ने दूसरे पुल निर्माण को हरी झंडी दी थी। ऐसे में नदी के बीच एक और पुल बनने के बाद सीतापुर की सीमा में बने पुल को भी आपस में जोड़ा जाएगा। फिर आवागमन दुरुस्त हो सकेगा। इस व्यवस्था में अभी एक साल और लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed