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घर में होगा ऑनलाइन योग, पूरा बहराइच बनेगा निरोग
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हराइच। विश्व योग दिवस पर जिले में जगह-जगह होने वाले योगा कार्यक्रम की रूपरेखा इस बार पूरी तरह बदली नजर आएगी। योग तो होगा, लेकिन घर में, गुरू तो होंगे मगर क्लास लेंगे ऑनलाइन जूम एप पर। पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर 2015 से पहली बार शुरू हुए विश्व योग दिवस पर पहली बार कोरोना वायरस के चलते ऐसा होगा कि जिले के हर मैदान पर सन्नाटा पसरा नजर आएगा। जिला प्रशासन ने सभी लोगों से अपील भी की है कि इस बार कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए लोग अपने घरों में ही रहकर योग करके विश्व योग दिवस को सफल बनाएं।
इंद्रियों को जोड़ता है योग
शरीर और मन स्वस्थ रखने के लिए नियमित योग करना जरूरी है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो समस्त इंद्रियों को एक साथ जोड़ना ही योग है। योग करने से आत्मा और परमात्मा दोनों का मिलन संभव है। कोविड़-19 के चलते पहली बार विश्व के लोग विश्व योग दिवस पर ऑनलाइन व अपने घरों में करेंगे।
डॉ. देवेंद्र कुमार उपाध्याय
करें योग, बने निरोग
योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है। सार्वजनिक जीवन में योग हमें ऊर्जा देता है। नियमित योग से रोग भाग जाते हैं। इस बार तो घर में ही योग करना होगा, क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।
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दिग्विजय सिंह
योग से बनेगी एक अलग पहचान
योग हमारी भारतीय संस्कृति की औषधीय पहचान है। योग हमारे स्वस्थ तन एवं मन की प्राप्ति के लिए भारतीय साधना की एक पद्धति है। योग के माध्यम से व्यसन समेत अन्य व्याप्त दोषों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। आज के इस परिवेश में योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को संपूर्ण विश्व में एक अलग पहचान बनाने का अवसर मिला है।
रमेश पाठक
शरीर को स्वस्थ रखता है योग
योग हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मन को भी स्वस्थ रखता है। योग का अभ्यास हमारे मन को संयमी बनाता है। मनुष्य का अस्तित्व शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक है, इन तीनों के संतुलित विकास में योग मदद करता है। चित्त की वृत्तियाें को निरुद्ध हो जाना ही योग है। कोरोना वायरस के चलते ऐसा पहली बार होगा कि लोगों को ऑनलाइन योगा कराया जाएगा। पूरा बहराइच योग करके निरोग बनेगा।
कासिम अब्बास
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इंद्रियों को जोड़ता है योग
शरीर और मन स्वस्थ रखने के लिए नियमित योग करना जरूरी है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो समस्त इंद्रियों को एक साथ जोड़ना ही योग है। योग करने से आत्मा और परमात्मा दोनों का मिलन संभव है। कोविड़-19 के चलते पहली बार विश्व के लोग विश्व योग दिवस पर ऑनलाइन व अपने घरों में करेंगे।
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डॉ. देवेंद्र कुमार उपाध्याय
करें योग, बने निरोग
योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है। सार्वजनिक जीवन में योग हमें ऊर्जा देता है। नियमित योग से रोग भाग जाते हैं। इस बार तो घर में ही योग करना होगा, क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।
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दिग्विजय सिंह
योग से बनेगी एक अलग पहचान
योग हमारी भारतीय संस्कृति की औषधीय पहचान है। योग हमारे स्वस्थ तन एवं मन की प्राप्ति के लिए भारतीय साधना की एक पद्धति है। योग के माध्यम से व्यसन समेत अन्य व्याप्त दोषों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। आज के इस परिवेश में योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को संपूर्ण विश्व में एक अलग पहचान बनाने का अवसर मिला है।
रमेश पाठक
शरीर को स्वस्थ रखता है योग
योग हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मन को भी स्वस्थ रखता है। योग का अभ्यास हमारे मन को संयमी बनाता है। मनुष्य का अस्तित्व शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक है, इन तीनों के संतुलित विकास में योग मदद करता है। चित्त की वृत्तियाें को निरुद्ध हो जाना ही योग है। कोरोना वायरस के चलते ऐसा पहली बार होगा कि लोगों को ऑनलाइन योगा कराया जाएगा। पूरा बहराइच योग करके निरोग बनेगा।
कासिम अब्बास