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कर्ज बकाये के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 17 Apr 2016 11:28 PM IST
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किसान
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सहकारी गन्ना विकास समितियों से कर्ज लेने वाले गन्ना किसानों को सरकार ने राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत मूलधन से अधिक ब्याज होने पर छूट दी जाएगी। योजना में 31 मार्च वर्ष 2007 से पहले कर्ज लेने वाले किसान लाभ पा सकेंगे।
जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने बताया कि सहकारी गन्ना समितियों के सदस्यों पर पुराने कर्ज की धनराशि अधिक बढ़ जाने के कारण मूल धन से अधिक ब्याज की रकम हो गई है। ऐसे मामलों में एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है।
अब सदस्यों से मूलधन के बराबर ही ब्याज वसूल किया जाएगा। इससे अधिक ब्याज होने पर उसे उत्तर प्रदेश सहकारी समितियां अधिनियम 1965 की धारा-127 के तहत बट्टे खाते में डालने व राइट ऑफ करने की कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक बकाया होने पर गन्ना अधिकारी जांच करेंगे जबकि हजार से एक लाख का बकाया होने पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और इसके बाद समिति के सचिव व गन्ना निरीक्षक जांच व परीक्षण करेंगे।
इस योजना में बकाया कर्ज का मूल धन पूरा वसूल किया जाएगा और उस पर मार्च 2016 तक ब्याज जो मूलधन से अधिक नहीं होगा, उसे वसूल किया जाएगा।
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जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने बताया कि सहकारी गन्ना समितियों के सदस्यों पर पुराने कर्ज की धनराशि अधिक बढ़ जाने के कारण मूल धन से अधिक ब्याज की रकम हो गई है। ऐसे मामलों में एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है।
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अब सदस्यों से मूलधन के बराबर ही ब्याज वसूल किया जाएगा। इससे अधिक ब्याज होने पर उसे उत्तर प्रदेश सहकारी समितियां अधिनियम 1965 की धारा-127 के तहत बट्टे खाते में डालने व राइट ऑफ करने की कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि एक लाख से अधिक बकाया होने पर गन्ना अधिकारी जांच करेंगे जबकि हजार से एक लाख का बकाया होने पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और इसके बाद समिति के सचिव व गन्ना निरीक्षक जांच व परीक्षण करेंगे।
इस योजना में बकाया कर्ज का मूल धन पूरा वसूल किया जाएगा और उस पर मार्च 2016 तक ब्याज जो मूलधन से अधिक नहीं होगा, उसे वसूल किया जाएगा।