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Bahraich News: वाहनों की रफ्तार व वन्यजीव तस्करों पर अब तीसरी आंख से रखी जाएगी नजर
Mon, 14 Apr 2025 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 14 Apr 2025 01:51 AM IST
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कतर्नियाघाट के रेंज के वन बैरियरों पर लगाया गया सीसीटीवी कैमरा।
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार व वन्यजीव तस्करों पर लगाम लगाने के लिए वन बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों का संचालन डिवीजन कार्यालय से किया जाएगा। कैमरोंं को लगभग 15 फीट ऊंचे टावर पर इंस्टाल किया गया है। इससे इसका दायरा कई किलोमीटर तक रहेगा।
कतर्नियाघाट में कैलाशपुरी से मोतीपुर तक लगभग 65 किलोमीटर का सड़क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारो छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। वहीं कतर्नियाघाट में निवासरत विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव भी इन मार्गों को पार करते हैं। वन्यजीवों के सड़क पार करने के दौरान वाहनों गति तेज होने से आए दिन वन्यजीव चोटिल हो जाते थे। वहीं कई बार वन्यजीवोंं की मौत हो जाती है। हादसे के बाद वाहनोंं के चिन्हांकन में दिक्कत होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए वन विभाग ने वन बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, ताकि तेज रफ्तार वाहन चलाने व उससे वन्यजीव की मौत होने पर संबंधित वाहन चालक को ट्रेस कर कार्रवाई की जा सके।
तस्करों पर भी रहेगी नजर
नेपाल सीमा से सटा होने के चलते कतर्नियाघाट वन्यजीवों की तस्करी को लेकर भी संवेदनशील है। वहीं सीमा पार कर नेपाल से आने वाले तस्करों की नजर भी वन संपदा व वन्यजीवों पर है। सीसीटीवी कैमरे लगने से इनके चिन्हांकन में भी सुविधा रहेगी। बैरियर से गुजरने वाले हर वाहन व उसमें सवार लोगोंं का डाटा एकत्रित किया जाएगा। विभाग की ओर से बिछिया, कैलाशपुरी, निशानगाड़ा, बेलछा, मोतीपुर बैरियर पर कैमरे लगाए गए हैं।
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कतर्नियाघाट में कैलाशपुरी से मोतीपुर तक लगभग 65 किलोमीटर का सड़क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारो छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। वहीं कतर्नियाघाट में निवासरत विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव भी इन मार्गों को पार करते हैं। वन्यजीवों के सड़क पार करने के दौरान वाहनों गति तेज होने से आए दिन वन्यजीव चोटिल हो जाते थे। वहीं कई बार वन्यजीवोंं की मौत हो जाती है। हादसे के बाद वाहनोंं के चिन्हांकन में दिक्कत होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए वन विभाग ने वन बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, ताकि तेज रफ्तार वाहन चलाने व उससे वन्यजीव की मौत होने पर संबंधित वाहन चालक को ट्रेस कर कार्रवाई की जा सके।
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तस्करों पर भी रहेगी नजर
नेपाल सीमा से सटा होने के चलते कतर्नियाघाट वन्यजीवों की तस्करी को लेकर भी संवेदनशील है। वहीं सीमा पार कर नेपाल से आने वाले तस्करों की नजर भी वन संपदा व वन्यजीवों पर है। सीसीटीवी कैमरे लगने से इनके चिन्हांकन में भी सुविधा रहेगी। बैरियर से गुजरने वाले हर वाहन व उसमें सवार लोगोंं का डाटा एकत्रित किया जाएगा। विभाग की ओर से बिछिया, कैलाशपुरी, निशानगाड़ा, बेलछा, मोतीपुर बैरियर पर कैमरे लगाए गए हैं।
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