{"_id":"5f147c278ebc3e639468fc49","slug":"nayapurwa-village-becomes-hotspot-people-imprisoned-in-homes-bahraich-news-lko5315066110","type":"story","status":"publish","title_hn":"नयापुरवा गांव बना हॉटस्पाट, लोग घरों में कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नयापुरवा गांव बना हॉटस्पाट, लोग घरों में कैद
विज्ञापन
मिहींपुरवा कस्बा में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन द्वारा लगायी गई बैरीकेटिंग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच/गायघाट। प्रशासन की ओर से मिहींपुरवा के नयापुरवा गांव को हॉटस्पाट बनाया गया है। गांव के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर सभी मार्गों को सील कर दिया गया है। वहीं फखरपुर के भिलोरा बासू निवासी संक्रमितों के एक माह से लखनऊ में होने के चलते गांव को हॉटस्पॉट नहीं बनाया गया है। मीरपुर कोनिया गांव पहले से ही हॉटस्पॉट बना हुआ है।
मिहींपुरवा के नयापुरवा गांव निवासी एक महिला इलाज के लिए लखनऊ गई थी। लखनऊ में इलाज से पूर्व महिला का कोरोना टेस्ट कराया गया। जिसमें महिला पॉजिटिव निकली। इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी गई। लखनऊ प्रशासन की रिपोर्ट पर नयापुरवा गांव को हॉटस्पॉट बना दिया गया है। रविवार को उपजिलाधिकारी बाबूराम, थानाध्यक्ष जेएन शुक्ला ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरएन वर्मा के साथ गांव पहुंचकर दौरा किया। लोगों को घरों में ही रहने के लिए कहा।
एसडीएम ने घर-घर सामान पहुंचाने के लिए कर्मचारी नामित किए। हॉटस्पॉट बनने से गांव की करीब एक हजार आबादी 14 दिनों के लिए घरों में कैद हो गई। उधर जरवल विकास खंड के मीरपुर कोनिया गांव निवासी प्रधान पति की मौत के मामले में वहां पर व्यवस्था और चौकस कर दी गई है। कोविड-19 के प्रभारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मीरपुर कोनिया गांव पहले से ही हॉटस्पॉट है। डॉ. अतुल ने बताया कि फखरपुर के भिलोरा बासू गांव निवासी दो युवक भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। दोनों एक माह से लखनऊ में ही ठहरे हैं। ऐसे में गांव को हॉटस्पॉट नहीं बनाया गया है। स्वास्थ्य कर्मी संबंधित के परिवारीजनों का सैंपल जांच के लिए एकत्र कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिहींपुरवा के नयापुरवा गांव निवासी एक महिला इलाज के लिए लखनऊ गई थी। लखनऊ में इलाज से पूर्व महिला का कोरोना टेस्ट कराया गया। जिसमें महिला पॉजिटिव निकली। इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी गई। लखनऊ प्रशासन की रिपोर्ट पर नयापुरवा गांव को हॉटस्पॉट बना दिया गया है। रविवार को उपजिलाधिकारी बाबूराम, थानाध्यक्ष जेएन शुक्ला ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरएन वर्मा के साथ गांव पहुंचकर दौरा किया। लोगों को घरों में ही रहने के लिए कहा।
विज्ञापन
एसडीएम ने घर-घर सामान पहुंचाने के लिए कर्मचारी नामित किए। हॉटस्पॉट बनने से गांव की करीब एक हजार आबादी 14 दिनों के लिए घरों में कैद हो गई। उधर जरवल विकास खंड के मीरपुर कोनिया गांव निवासी प्रधान पति की मौत के मामले में वहां पर व्यवस्था और चौकस कर दी गई है। कोविड-19 के प्रभारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मीरपुर कोनिया गांव पहले से ही हॉटस्पॉट है। डॉ. अतुल ने बताया कि फखरपुर के भिलोरा बासू गांव निवासी दो युवक भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। दोनों एक माह से लखनऊ में ही ठहरे हैं। ऐसे में गांव को हॉटस्पॉट नहीं बनाया गया है। स्वास्थ्य कर्मी संबंधित के परिवारीजनों का सैंपल जांच के लिए एकत्र कर रहे हैं।
विज्ञापन