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Bahraich News: झाला गांव में मातमी सन्नाटा, पीड़ित परिवारों ने बटोरा मलबा, नहीं आई जेसीबी
Tue, 24 Jan 2023 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 24 Jan 2023 11:32 PM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। मोतीपुर थाना क्षेत्र के झाला गांव में गत दिवस सिलिंडर से हुए विस्फोट में किशोरी की मौत के बाद मातमी सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार को चर्चाओं का भी बाजार गरम रहा और जगह- जगह लोग अवैध पटाखा कारोबार को लेकर कानाफूसी करते दिखे। वहीं क्षेत्रीय पुलिस भी गांव में भ्रमण करती नजर आई। इस दौरान पीड़ितों के परिवार को अपने हाथों से मलबा हटाते देखा गया। जबकि सोमवार को हादसे के बाद प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीन भेजने की बात कही गयी थी।
सिलिंडर विस्फोट से तीन-तीन मकानों के जमींदोंज होने का गम पीड़ित परिवारों के साथ ग्रामीणों के चेहरे पर भी साफ दिखा। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि गांव में लंबे समय से अवैध पटाखा निर्माण हो रहा है। यही नहीं गांव से दूर-दूर तक गोला-पटाखे की आपूर्ति की जाती है। लेकिन इन सब अवैध गतिविधियों से प्रशासन अंजान है। अगर प्रशासन तक यह बात पहुंच गयी होती तो शायद घटना इतनी बड़ी नहीं होती। वहीं घटना स्थल पर परिजनों में बेटी के मौत का दर्द देखने को मिला और परिजन रोते-बिलखते नजर आए।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गोला पटाखा के लाइसेंसधारक हैं। इनमें गायघाट, मिहींपुरवा बाजार, झाला, सेमरी घटही, हरखापुर आदि गांव शामिल हैं। लेकिन अधिकांश जगहों पर नियमों का पालन नहीं किया जाता है। ग्रामीणों की माने तो गोला पटाखा लाइसेंस धारकों के अलावा दूसरे घरों मे इन पटाखों को डंप किया जाता है और जरूरत पड़ने पर उनकी बिक्री की जाती है।
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मोतीपुर थाना क्षेत्र के झाला गांव में सिलिंडर विस्फोट के बाद तीन घर मलबे में तब्दील हो गए थे। वहीं इसके बाद मलबे से गोला-पटाखे के अवशेष भी पड़े मिले थे। यही नहीं पास के खेतों में भी कई पटाखों के खाली डिब्बे पड़े मिले थे। इन सब के बीच एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एक युवक खेत से गोला बटोरता नजर आ रहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई।
सिलिंडर विस्फोट से तीन-तीन मकानों के जमींदोंज होने का गम पीड़ित परिवारों के साथ ग्रामीणों के चेहरे पर भी साफ दिखा। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि गांव में लंबे समय से अवैध पटाखा निर्माण हो रहा है। यही नहीं गांव से दूर-दूर तक गोला-पटाखे की आपूर्ति की जाती है। लेकिन इन सब अवैध गतिविधियों से प्रशासन अंजान है। अगर प्रशासन तक यह बात पहुंच गयी होती तो शायद घटना इतनी बड़ी नहीं होती। वहीं घटना स्थल पर परिजनों में बेटी के मौत का दर्द देखने को मिला और परिजन रोते-बिलखते नजर आए।
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मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गोला पटाखा के लाइसेंसधारक हैं। इनमें गायघाट, मिहींपुरवा बाजार, झाला, सेमरी घटही, हरखापुर आदि गांव शामिल हैं। लेकिन अधिकांश जगहों पर नियमों का पालन नहीं किया जाता है। ग्रामीणों की माने तो गोला पटाखा लाइसेंस धारकों के अलावा दूसरे घरों मे इन पटाखों को डंप किया जाता है और जरूरत पड़ने पर उनकी बिक्री की जाती है।
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मोतीपुर थाना क्षेत्र के झाला गांव में सिलिंडर विस्फोट के बाद तीन घर मलबे में तब्दील हो गए थे। वहीं इसके बाद मलबे से गोला-पटाखे के अवशेष भी पड़े मिले थे। यही नहीं पास के खेतों में भी कई पटाखों के खाली डिब्बे पड़े मिले थे। इन सब के बीच एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एक युवक खेत से गोला बटोरता नजर आ रहा है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई।