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Bahraich News: धूप निकलने के बावजूद आलू पर झुलसा का खतरा
Mon, 23 Jan 2023 05:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 23 Jan 2023 05:23 PM IST
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बहराइच। तराई में लगातार 20 दिनों तक पड़ी भीषण ठंड व कोहरे का असर किसानों की फसलों पर दिखने लगा है। कई किसानों की आलू की फसल पर झुलसा रोग का प्रभाव दिखने लगा है। जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गयी है। वहीं भीषण ठंड के चलते सरसों पर भी माहू कीट का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं कृषि वैैैज्ञानिकों की ओर से आगामी कुछ दिनों में हल्की बूंदाबांदी के आसार भी जताए गए हैं, जिससे किसान झुलसा रोग को लेकर और चिंतित हो गए हैं।
बीते दिनों लगातार 20 दिनों तक पड़ी भीषण ठंड व कोहरे के बाद पिछले तीन दिनों से धूप निकल रही है। बीते दिनों पड़े भीषण कोहरे व पाले ने सब्जियों की फसलों व सरसों पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। हालांकि ठंड के चलते गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। पाले के चलते कुछ किसानों की आलू की फसल पर झुलसा रोग के प्रभाव दिखे हैं, जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह ने बताया कि बीते दिनों पड़ी भीषण ठंड व पाले का असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। अभी बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन अगर बारिश होती है तो आलू में झुलसा रोग की संभावना प्रबल हो जाएगी। वहीं बारिश व आसमान में बादल छाने पर सरसों की फसल भी माहू कीट से ग्रसित हो सकती है। ऐसे में किसानों को अभी से बचाव के उपाय कर लेने चाहिए।
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उन्होंने बताया कि आलू की फसल में 40 से 50 दिन की अवस्था में फास्फोरस और पोटाश की पूर्ति होना अति आवश्यक है। ऐसे में किसान भाई एक किलो एनपीके के साथ एक किलो सल्फर का घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर दें। 15 दिन के बाद एनपीके का घोल फिर से दोहरा दें। झुलसा रोग में पत्तियों, डंठलों और कंदों पर काले रंग के धब्बे बन जाते हैं और प्रकोप अधिक होने पर पूरा पौधा झुलस जाता है।
अगर फसल में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो तत्काल मैनकोजेब 750 ग्राम प्रति एकड़ या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 750 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 125 लीटर पानी घोल में घोलकर छिड़काव कर दें। सरसों को माहू कीट से बचाने के लिए नीम का तेल 0.15 प्रतिशत ईसी को एक लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
सूख रहीं पत्तियां
ठंड व पाले से सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। आलू और टमाटर के फूल पाले के प्रकोप से सूखने लगे हैं। ऐसा लगता है, कि इस बार उत्पादन घट जाएगा और नुकसान होगा। मौसम साफ होने से इतना फायदा हुआ है कि दवाओं का छिड़काव संभव हो गया है। बारिश हुई तो नुकसान बढ़ जाएगा।
-रामप्रवेश मौर्य, किसान नैनिहा
गेहूं को फायदा हुआ, लेकिन अरहर को नुकसान
बीते दिनों पड़ी भीषण ठंड से गेेहूं की फसल को काफी फायदा हुआ है, लेकिन आलू और अरहर की फसल को नुकसान हुआ है। आलू की फसल में झुलसा रोग की संभावना बढ़ गयी है। कुछ पत्तियों में इसके आसार मिले हैं। दवा का छिड़काव शुरू किया है।
-अंबर लाल जायसवाल, गुलरा
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बीते दिनों लगातार 20 दिनों तक पड़ी भीषण ठंड व कोहरे के बाद पिछले तीन दिनों से धूप निकल रही है। बीते दिनों पड़े भीषण कोहरे व पाले ने सब्जियों की फसलों व सरसों पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। हालांकि ठंड के चलते गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। पाले के चलते कुछ किसानों की आलू की फसल पर झुलसा रोग के प्रभाव दिखे हैं, जिसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गयी है।
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कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह ने बताया कि बीते दिनों पड़ी भीषण ठंड व पाले का असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। अभी बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन अगर बारिश होती है तो आलू में झुलसा रोग की संभावना प्रबल हो जाएगी। वहीं बारिश व आसमान में बादल छाने पर सरसों की फसल भी माहू कीट से ग्रसित हो सकती है। ऐसे में किसानों को अभी से बचाव के उपाय कर लेने चाहिए।
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उन्होंने बताया कि आलू की फसल में 40 से 50 दिन की अवस्था में फास्फोरस और पोटाश की पूर्ति होना अति आवश्यक है। ऐसे में किसान भाई एक किलो एनपीके के साथ एक किलो सल्फर का घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर दें। 15 दिन के बाद एनपीके का घोल फिर से दोहरा दें। झुलसा रोग में पत्तियों, डंठलों और कंदों पर काले रंग के धब्बे बन जाते हैं और प्रकोप अधिक होने पर पूरा पौधा झुलस जाता है।
अगर फसल में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो तत्काल मैनकोजेब 750 ग्राम प्रति एकड़ या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 750 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 125 लीटर पानी घोल में घोलकर छिड़काव कर दें। सरसों को माहू कीट से बचाने के लिए नीम का तेल 0.15 प्रतिशत ईसी को एक लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
सूख रहीं पत्तियां
ठंड व पाले से सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। आलू और टमाटर के फूल पाले के प्रकोप से सूखने लगे हैं। ऐसा लगता है, कि इस बार उत्पादन घट जाएगा और नुकसान होगा। मौसम साफ होने से इतना फायदा हुआ है कि दवाओं का छिड़काव संभव हो गया है। बारिश हुई तो नुकसान बढ़ जाएगा।
-रामप्रवेश मौर्य, किसान नैनिहा
गेहूं को फायदा हुआ, लेकिन अरहर को नुकसान
बीते दिनों पड़ी भीषण ठंड से गेेहूं की फसल को काफी फायदा हुआ है, लेकिन आलू और अरहर की फसल को नुकसान हुआ है। आलू की फसल में झुलसा रोग की संभावना बढ़ गयी है। कुछ पत्तियों में इसके आसार मिले हैं। दवा का छिड़काव शुरू किया है।
-अंबर लाल जायसवाल, गुलरा