{"_id":"56eae3904f1c1b56258b45c4","slug":"leopard-sneaked-into-the-house-and-took-away-innocent","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में घुस मासूम को उठा ले गया तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर में घुस मासूम को उठा ले गया तेंदुआ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:42 PM IST
विज्ञापन
तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दादी के साथ एक मासूम बच्ची घर के बरामदे में सो रही थी। गुरुवार भोर चार बजे एक तेंदुआ घर में घुस कर बच्ची को उठा ले गया। दादी के शोर मचाने पर ग्रामीण तेंदुए के पीछे दौड़े। लोगों को आता देख तेंदुआ जंगल में बच्ची को छोड़ भाग निकला। ग्रामीणों को बालिका की क्षत विक्षत लाश मिली।
विज्ञापन
सूचना पर पहुंची सिरसिया पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सिरसिया थाना क्षेत्र का ग्राम पटखौली का मजरा बालू पश्चिमी सोहेलवा जंगल के बीच में बसा हुआ है। बीते कई माह से वहां तेंदुए का आतंक है। बुधवार रात बालू निवासी रामसुंदर की पुत्री सुदामा (ढाई वर्ष) दादी छोटकी के साथ घर के बरामदे में सोई हुई थी।
विज्ञापन
गुरुवार भोर करीब चार बजे जंगल से आए एक तेंदुए ने सुदामा को उठा लिया। वृद्धा के शोर मचाने पर परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तेंदुए का पीछा किया। कुछ दूर जंगल में जाकर एक झाड़ी में तेंदुआ बच्ची को नोच रहा था। ग्रामीणों को देख तेंदुआ बच्ची को छोड़ वहां से भाग गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीण मासूम का शव घर ले आए।
विज्ञापन
सोहेलवा के जंगल से करीब 18 गांव सटे हुए हैं। इनमें कई गांव ऐसे हैं जो जंगल के मध्य स्थित हैं। जहां रहने वाले ग्रामीण अपने मासूमों व मवेशियों को लेकर सदैव चिंतित रहते हैं। बालू गांव में ही अब तक तेंदुए ने तीन मासूमों पर हमला किया। इनमें से जहां दो काल के गाल में समा गए। जबकि एक काफी समय तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ता रहा।
विगत चार माह पूर्व बालू निवासिनी खुशबू उर्फ ज्ञानवती पुत्री घुरहू को तेंदुआ उठा ले गया था। जिसकी लाश झाड़ियों में मिली थी। ओमप्रकाश पत्र छविलाल को भी तेंदुआ उठा ले गया था। जिसे ग्रामीणों ने गंभीर अवस्था में बचाया था। पड़ोसी गांव सीताराम पुरवा निवासी भूरे की पुत्री को भी तेंदुआ उठा ले गया था।