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Bahraich News: बीती पहली चौथी, मजार पर पहुंचे जायरीन ने सादगी से की जियारत
Tue, 27 May 2025 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 27 May 2025 02:06 AM IST
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बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह परिसर में मौजूद जायरीन।
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले की पहली चौथी सादगी भरे माहौल में पूरी हुई। जायरीन दरगाह के अंदर पहुंचे और चादरपोशी की परंपरा निभाई।
गाजी की दरगाह पर रविवार को होने वाली पहली चौथी पर खासी भीड़ हुआ करती थी। जायरीनों का गाजे-बाजे के साथ पलंग पीढ़ी लेकर पहुंचने का सिलसिला शाम से लेकर देर रात तक चलता था। इस बार नजारा बदला हुआ है। प्रशासन की अनुमति न होने और हाईकोर्ट के आदेश के बाद परंपराएं तो सभी निभाई जा रही हैं, लेकिन पूरी खामोशी के साथ ताकि कोर्ट के आदेश का पालन भी हो जाए और कोई परंपरा छूटे भी नहीं।
रविवार को महज पांच से सात हजार जायरीन ही पहुंचे। यही नहीं जो जायरीन आ रहे थे, उसमें ज्यादातर लोग एक या दो की संख्या में थे। इसके साथ ही चादर व चढ़ावा का सामान बैग में लेकर आए थे। मजार के अंदर आने के बाद वे चादरपोशी करते नजर आए। यही हाल अन्य परंपराओं का भी रहा।
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भीड़ में आए, लेकिन गए अलग-अलग
दरगाह पर भीड़ के रूप में आने पर रोक थी। वाहनों से सामूहिक रूप से आए जायरीन अपने कैंप में रूके और वहां से अलग-अलग ही दरगाह पहुंचे। इसलिए भीड़ ज्यादा एक साथ देखने को नहीं मिली।
दरगाह की स्थिति सामान्य
दरगाह पर आने वाले जायरीन सामान्य संख्या में ही एक साथ आ रहे हैं। इसलिए किसी को रोका-टोका नहीं जा रहा है। आम दिनों की ही तरह लोग जियारत कर रहे हैं।
रामानंद कुशवाहा एएसपी नगर
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गाजी की दरगाह पर रविवार को होने वाली पहली चौथी पर खासी भीड़ हुआ करती थी। जायरीनों का गाजे-बाजे के साथ पलंग पीढ़ी लेकर पहुंचने का सिलसिला शाम से लेकर देर रात तक चलता था। इस बार नजारा बदला हुआ है। प्रशासन की अनुमति न होने और हाईकोर्ट के आदेश के बाद परंपराएं तो सभी निभाई जा रही हैं, लेकिन पूरी खामोशी के साथ ताकि कोर्ट के आदेश का पालन भी हो जाए और कोई परंपरा छूटे भी नहीं।
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रविवार को महज पांच से सात हजार जायरीन ही पहुंचे। यही नहीं जो जायरीन आ रहे थे, उसमें ज्यादातर लोग एक या दो की संख्या में थे। इसके साथ ही चादर व चढ़ावा का सामान बैग में लेकर आए थे। मजार के अंदर आने के बाद वे चादरपोशी करते नजर आए। यही हाल अन्य परंपराओं का भी रहा।
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भीड़ में आए, लेकिन गए अलग-अलग
दरगाह पर भीड़ के रूप में आने पर रोक थी। वाहनों से सामूहिक रूप से आए जायरीन अपने कैंप में रूके और वहां से अलग-अलग ही दरगाह पहुंचे। इसलिए भीड़ ज्यादा एक साथ देखने को नहीं मिली।
दरगाह की स्थिति सामान्य
दरगाह पर आने वाले जायरीन सामान्य संख्या में ही एक साथ आ रहे हैं। इसलिए किसी को रोका-टोका नहीं जा रहा है। आम दिनों की ही तरह लोग जियारत कर रहे हैं।
रामानंद कुशवाहा एएसपी नगर