फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   India-Nepal relationship linked to Shiva-Shakti: Krishna Devi

शिव-शक्ति से जुड़ा भारत-नेपाल का संबंध : कृष्णा देवी

Sat, 22 Mar 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sat, 22 Mar 2025 12:23 AM IST
विज्ञापन
India-Nepal relationship linked to Shiva-Shakti: Krishna Devi
बहराइच के किसान पीजी कालेज में शुक्रवार को आयोजित सेमिनार में कार्यक्रम को संबो​धित करते अति​थि
बहराइच। किसान पीजी कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह रहे। मुख्य वक्ता नेपाल के महेंद्र कैंपस के समाजशास्त्र की व्याख्याता कृष्णा देवी पांडेय तथा मुख्य वक्ता प्रोफेसर विश्वनाथ द्विवेदी तथा सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी रहे।
विज्ञापन


कृष्णा देवी पांडेय ने कहा कि भारत नेपाल का धार्मिक और पौराणिक महत्व है। भारत का मां पाटेश्वरी और बागेश्वरी दोनों शक्ति पीठ हैं। अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है तो मां जानकी की जन्मभूमि नेपाल में है। भगवान शिव का सिर यदि नेपाल में है तो शरीर का अन्य भाग भारत में है। इस प्रकार भारत और नेपाल का संबंध शिव-शक्ति से जुड़ा है।
विज्ञापन

कुलपति प्रोफेसर सिंह ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ ने आत्मानुशासन का संदेश दिया है। इस महाकुंभ के आयोजन से यूपी सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये लगाकर दो लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। मुख्य वक्ता सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने एक पत्रकार के नजरिए से महाकुंभ के आयोजन को देखा है। उन्होंने कहा कि 1942 में तत्कालीन वायसराय ने मदन मोहन मालवीय से महाकुंभ की भीड़ देखकर पूछा कि इतने लोगों को आमंत्रित कैसे किया जाता है। इस पर मालवीय जी का जवाब था कि चार आने का पंचांग देखकर भीड़ तिथि और मुहूर्त के अनुसार स्वयं चली आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोफेसर विश्वनाथ द्विवेदी ने कहा कि महाकुंभ तो पहले भी हुए जो धर्म और आध्यात्मिकता तक ही सीमित रहे। इस बार का महाकुंभ धर्म और अध्यात्म के साथ आधुनिकता से भी सराबोर रहा। इस बार एआई का प्रयोग किया गया। नेपाल के उदय राज सुवेदी ने संस्कृत में अपना भाषण दिया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रबंध समिति के सचिव मेजर डाॅ. एसपी सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रोफेसर विनय सक्सेना ने किया। इस मौके पर प्रोफेसर सूर्यभान रावत, असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. संदीप कुमार मिश्र, ज्ञानेंद्र मणि त्रिपाठी, गुंजन शर्मा, पंकज सिंह, सीडी सिंह बिसेन, कुमैल अब्बास, डाॅ. धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, डाॅ. तस्नीम फातिमा जैदी, सविता वर्मा, राजवंत सिंह, पंकज सिंह के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।


गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ अतिथियों का स्वागत
समारोह में अतिथियों का स्वागत एनसीसी कैडेट्स ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। इस मौके पर अतिथियों ने कॉलेज के संस्थापक ठाकुर हुकुम सिंह बिसेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।


वर्चुअली शामिल हुए अटल विवि के कुलपति
सेमिनार में किसान पीजी कॉलेज के पूर्व छात्र और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एडीएन बाजपेयी ने वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन की महत्ता को बताते हुए अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव भी साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed