{"_id":"6a5fb5afce399c64b00a36e9","slug":"husband-sentenced-to-10-years-of-rigorous-imprisonment-in-dowry-death-case-bahraich-news-c-98-1-slko1007-153591-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: दहेज हत्या में पति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: दहेज हत्या में पति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा
विज्ञापन
बहराइच। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को दहेज हत्या के एक मामले में दोषी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने थाना जरवलरोड में तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री का विवाह आदमपुर गांव निवासी इब्ने हसन से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करता था। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर 6 अप्रैल 2020 को पति ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश यादव की अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कठोर दंड की मांग की।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इब्ने हसन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 7,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने थाना जरवलरोड में तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री का विवाह आदमपुर गांव निवासी इब्ने हसन से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करता था। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर 6 अप्रैल 2020 को पति ने उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश यादव की अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कठोर दंड की मांग की।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इब्ने हसन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 7,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।