{"_id":"5d7fc6b78ebc3e016025f349","slug":"human-trafficking-is-inhuman-crime-it-needs-to-end-mp-bahraich-news-lko4818988186","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानव तस्करी अमानवीय अपराध, इसका खात्मा जरूरी : सांसद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानव तस्करी अमानवीय अपराध, इसका खात्मा जरूरी : सांसद
विज्ञापन
बहराइच में नानपारा मार्ग पर स्थित एक रिसार्ट में सोमवार को आयोजित मानव तस्करी पर कार्यशाला में म?
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। शहर के नानपारा रोड स्थित एक रिसार्ट में सोमवार को मानव तस्करी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाए जाने के लिए भारत और नेपाल के अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सांसद ने इसे अमानवीय अपराध बताते हुए जड़ से खत्म किए जाने पर जोर दिया। सांसद को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि सांसद अक्षयबर लाल गोंड ने कहा कि मानव तस्करी घोर अमानवीय अंतर राष्ट्रीय अपराध बन चुका है, जिसके खात्मे के लिए सरकारी विभागों, स्वैच्छिक संस्थाओं व सुरक्षा बलों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। एक जनप्रतिनिधि के रूप में मैं प्रत्येक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिये प्रतिबद्ध हूं।
यूनिसेफ लखनऊ से आये बाल संरक्षण विशेषज्ञ आफताब मोहम्मद ने कहा कि मानव तस्करी के विरुद्ध सरकार की ओर से किये जा रहे हर प्रयास में जन भागीदारी के जरिये मजबूती लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि सशस्त्र बलों व स्वैच्छिक संस्थाओं के अथक प्रयासों के बावजूद भी मानव तस्करों के जाल को तोड़ना संभव नहीं हो पा रहा है। क्योंकि मानव तस्करों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कड़े रूप से नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती जनपदों में बच्चों व महिलाओं के लिये शरणालय का नहीं होना भी मानव तस्करी की रोकथाम में बड़ी बाधा है।
कैरीटास इंडिया की लीजा ने कहा कि भारत व नेपाल की सीमाओं के दोनों ओर मानव तस्करी के विरुद्ध काम करने वाली संस्थाओं को लगातार समन्वयन व नेटवर्किंग करते हुए काम करने की आवश्यकता है।
सशस्त्र सीमा बल के उपमहानिरीक्षक अभिषेक पाठक ने कहा कि मानव तस्करी सशस्त्र सीमा बल की प्राथमिकताओं में है और एसएसबी निरंतर इस अनैतिक व्यापार के खिलाफ काम करती रहेगी। मानव तस्करी रोकने के लिए सात सूत्रीय ज्ञापन सांसद को सौंपा गया। इस मौके पर बाल कल्याण समिति की सदस्य अंजुम अजीम, जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा, नेपाल की स्वैच्छिक संस्थाएं माईती से केशव कोईराला, विनराक इंटरनेषनल की कमला पंत, नेपाली मीडिया से रुद्र सुबेदी आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यशाला के मुख्य अतिथि सांसद अक्षयबर लाल गोंड ने कहा कि मानव तस्करी घोर अमानवीय अंतर राष्ट्रीय अपराध बन चुका है, जिसके खात्मे के लिए सरकारी विभागों, स्वैच्छिक संस्थाओं व सुरक्षा बलों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। एक जनप्रतिनिधि के रूप में मैं प्रत्येक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिये प्रतिबद्ध हूं।
विज्ञापन
यूनिसेफ लखनऊ से आये बाल संरक्षण विशेषज्ञ आफताब मोहम्मद ने कहा कि मानव तस्करी के विरुद्ध सरकार की ओर से किये जा रहे हर प्रयास में जन भागीदारी के जरिये मजबूती लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि सशस्त्र बलों व स्वैच्छिक संस्थाओं के अथक प्रयासों के बावजूद भी मानव तस्करों के जाल को तोड़ना संभव नहीं हो पा रहा है। क्योंकि मानव तस्करों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कड़े रूप से नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती जनपदों में बच्चों व महिलाओं के लिये शरणालय का नहीं होना भी मानव तस्करी की रोकथाम में बड़ी बाधा है।
कैरीटास इंडिया की लीजा ने कहा कि भारत व नेपाल की सीमाओं के दोनों ओर मानव तस्करी के विरुद्ध काम करने वाली संस्थाओं को लगातार समन्वयन व नेटवर्किंग करते हुए काम करने की आवश्यकता है।
सशस्त्र सीमा बल के उपमहानिरीक्षक अभिषेक पाठक ने कहा कि मानव तस्करी सशस्त्र सीमा बल की प्राथमिकताओं में है और एसएसबी निरंतर इस अनैतिक व्यापार के खिलाफ काम करती रहेगी। मानव तस्करी रोकने के लिए सात सूत्रीय ज्ञापन सांसद को सौंपा गया। इस मौके पर बाल कल्याण समिति की सदस्य अंजुम अजीम, जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा, नेपाल की स्वैच्छिक संस्थाएं माईती से केशव कोईराला, विनराक इंटरनेषनल की कमला पंत, नेपाली मीडिया से रुद्र सुबेदी आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।