{"_id":"6a57cce5deae1153070b3ca2","slug":"gnm-students-protest-demand-for-degrees-and-other-documents-bahraich-news-c-98-1-slko1009-153171-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: जीएनएम के छात्रों का प्रदर्शन, डिग्री व अन्य दस्तावेज की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: जीएनएम के छात्रों का प्रदर्शन, डिग्री व अन्य दस्तावेज की मांग
विज्ञापन
बहराइच के कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने आए जीएनएम के छात्र-छात्राएं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। नंदा इंस्टीट्यूट तैबाजोत के बैच 2021-22 के जीएनएम छात्र-छात्राओं ने बुधवार लगातार दूसरे दिन कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी से मुलाकात की उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए अपनी पीड़ा बताई। इसके बाद सभी छात्र-छात्राएं सीएमओ कार्यालय पहुंचे और वहां भी अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा कर वर्ष 2024 में अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा कर लिया था, लेकिन प्रवेश लिए लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें डिग्री, अंकपत्र, रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक अभिलेख नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि जरूरी दस्तावेज न मिलने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और वे नौकरी के अवसरों से भी वंचित हैं। मामले में उन लोगों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया था, लेकिन उस दिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी थी।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने पर वे फर्जी पाए गए। साथ ही जब उन्होंने संस्थान प्रबंधन से डिग्री और अन्य दस्तावेज मांगे तो प्राचार्य और प्रबंधक ने अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी दी। बच्चों का कहना है कि वे पहले भी कई स्तरों पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट की संबद्धता और पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र शैक्षणिक अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान गुंजन वर्मा, अमरीन खान, आरती पाठक, अंजली, नेहा, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मामले में कमेटी गठित कर जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह भी कहा कि छात्रों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा कर वर्ष 2024 में अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा कर लिया था, लेकिन प्रवेश लिए लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें डिग्री, अंकपत्र, रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक अभिलेख नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि जरूरी दस्तावेज न मिलने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और वे नौकरी के अवसरों से भी वंचित हैं। मामले में उन लोगों ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया था, लेकिन उस दिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान जारी किए गए प्रवेश पत्रों की आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने पर वे फर्जी पाए गए। साथ ही जब उन्होंने संस्थान प्रबंधन से डिग्री और अन्य दस्तावेज मांगे तो प्राचार्य और प्रबंधक ने अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी दी। बच्चों का कहना है कि वे पहले भी कई स्तरों पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी से नंदा इंस्टीट्यूट की संबद्धता और पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र शैक्षणिक अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान गुंजन वर्मा, अमरीन खान, आरती पाठक, अंजली, नेहा, अकांक्षा देवी, बीनू यादव, निहारिका वर्मा आदि मौजूद रहीं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मामले में कमेटी गठित कर जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह भी कहा कि छात्रों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।