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घाघरा का जलस्तर थमा, 10 बीघा खेत समाहित
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 20 Jul 2015 10:44 PM IST
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महसी (बहराइच)। घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के नीचे पहुंचकर स्थिर हो गया है लेकिन महसी तहसील क्षेत्र में खेती योग्य जमीन में नदी कटान तेज कर रही है।
सोमवार को 10 बीघा खेत नदी में समा गया। ग्रामीणों में दहशत है।
तराई में वर्षा का क्रम थम गया है लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा हो रही है। जिसके चलते घाघरा उफनाई हुई है। सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.926 मीटर मापा गया।
केंद्रीय जलायोग संस्था घाघराघाट के मापक जगदीश का कहना है कि नदी का पानी स्थिर है लेकिन फिर से जलस्तर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
उधर, महसी तहसील क्षेत्र में चुरईपुरवा और बांसगढ़ी गांव के निकट नदी खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है।
भगोले, दुजई, महावीर, भगवाने समेत पांच ग्रामीणों की खेती योग्य 10 बीघा जमीन भोर से अब तक कटान में समाहित हुई है। लेकिन राहत व बचाव के उपाय नहीं हो सके हैं।
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एसडीएम सीपी तिवारी का कहना है कि जलस्तर में कमी आई है। मामूली कटान हो रही है। क्षेत्रीय राजस्वकर्मी नजर रख रहे हैं।
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सोमवार को 10 बीघा खेत नदी में समा गया। ग्रामीणों में दहशत है।
तराई में वर्षा का क्रम थम गया है लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा हो रही है। जिसके चलते घाघरा उफनाई हुई है। सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.926 मीटर मापा गया।
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केंद्रीय जलायोग संस्था घाघराघाट के मापक जगदीश का कहना है कि नदी का पानी स्थिर है लेकिन फिर से जलस्तर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
उधर, महसी तहसील क्षेत्र में चुरईपुरवा और बांसगढ़ी गांव के निकट नदी खेती योग्य जमीन में कटान कर रही है।
भगोले, दुजई, महावीर, भगवाने समेत पांच ग्रामीणों की खेती योग्य 10 बीघा जमीन भोर से अब तक कटान में समाहित हुई है। लेकिन राहत व बचाव के उपाय नहीं हो सके हैं।
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एसडीएम सीपी तिवारी का कहना है कि जलस्तर में कमी आई है। मामूली कटान हो रही है। क्षेत्रीय राजस्वकर्मी नजर रख रहे हैं।