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जांच में खाद के चार नमूने फेल
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बहराइच। कृषि विभाग की ओर से छह माह में जिले के 159 उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की गई। इनमें 111 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। जांच में चार नमूना फेल हो गए। ऐसे में इन दुकानों पर नकली उर्वरक बेचने की संभावना कृषि अधिकारियों ने जतायी है। इन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। छह माह की छापेमारी में एक उर्वरक की दुकान का लाइसेंस निरस्त किया गया है। पांच दुकानें निलंबित की गई है।
जिले में शासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर समय-समय पर उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की जाती है। एक अप्रैल से 15 सितंबर तक कृषि विभाग के साथ सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों ने क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले की 159 उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की गई। इनमें नानपारा के हांड़ा बसेहरी स्थित उर्वरक की दुकान पर ओवर रेटिंग में खाद बिक्री को लेकर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों की टीम ने जांच के दौरान 111 नमूना अधिग्रहीत किए। यह सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जांच में चार नमूने फेल हो गए। ऐसे में इन दुकानों पर नकली खाद बेचे जाने की संभावना है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इन दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापेमारी अभियान एक अप्रैल से 15 सितंबर तक चार चरणों में चलाया गया था। जल्द ही पुन: छापेमारी की जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए खाद का नमूना मेरठ, बनारस व लखनऊ में से किसी भी प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है।
पांच दुकानें हुईं निलंबित, 43 को नोटिस
कृषि विभाग द्वारा की गई छापेमारी में जरवल, मिहींपुरवा, पयागपुर और नानपारा क्षेत्र में भारी अनियमितता मिली। इस पर पांच दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। 43 व्यवसायियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में शासन और जिलाधिकारी के निर्देश पर समय-समय पर उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की जाती है। एक अप्रैल से 15 सितंबर तक कृषि विभाग के साथ सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों ने क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले की 159 उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की गई। इनमें नानपारा के हांड़ा बसेहरी स्थित उर्वरक की दुकान पर ओवर रेटिंग में खाद बिक्री को लेकर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों की टीम ने जांच के दौरान 111 नमूना अधिग्रहीत किए। यह सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जांच में चार नमूने फेल हो गए। ऐसे में इन दुकानों पर नकली खाद बेचे जाने की संभावना है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इन दुकानदारों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापेमारी अभियान एक अप्रैल से 15 सितंबर तक चार चरणों में चलाया गया था। जल्द ही पुन: छापेमारी की जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए खाद का नमूना मेरठ, बनारस व लखनऊ में से किसी भी प्रयोगशाला में भेजा जा सकता है।
पांच दुकानें हुईं निलंबित, 43 को नोटिस
कृषि विभाग द्वारा की गई छापेमारी में जरवल, मिहींपुरवा, पयागपुर और नानपारा क्षेत्र में भारी अनियमितता मिली। इस पर पांच दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। 43 व्यवसायियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।