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बहराइच : नौकरी का झांसा देकर ले जा रहे थे नेपाल, सीमा पर एसएसबी ने पकड़ा

Wed, 20 Feb 2019 10:40 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Wed, 20 Feb 2019 10:40 PM IST
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four human smuggler arrested by ssb at india nepal border
भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी - फोटो : amar ujala
बहराइच के रुपईडीहा में एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर दो मानव तस्करों को पकड़ा। इनके कब्जे से चार किशोरों को मुक्त कराया गया। तस्कर किशोरों को नौकरी का झांसा देकर नेपाल ले जाने की फिराक में थे। एसएसबी ने किशोरों को देहात संस्था को सौंप दिया है। तस्करों को जेल भेजा जाएगा।
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भारत के सीमावर्ती जिलों से गरीब परिवारों के बच्चों पर मानव तस्कर निगाह गड़ाए है। बुधवार सुबह सीमा पर मानव तस्कर लखीमपुर निवासी तीन व सीतापुर निवासी एक किशोर को नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहे थे। मानव तस्कर जब किशोरों को लेकर सीमा पर पहुंचे तो एसएसबी के जवानों ने शंका होने पर पूछताछ की। एसएसबी 42वीं वाहिनी के उप कमांडेंट जयप्रकाश ने बताया कि इंस्पेक्टर वीपेंद्र की पूछताछ में किशोरों को तस्करी कर काठमांडू ले जाने का पता चला। इस पर सभी को कब्जे में लिया गया है। उनकी निशानदेही पर दो मानव तस्करों को दबोचा गया। इनकी पहचान हरीराम निवासी बिहारीपुरवा लखीमपुर व विनोद चौरसिया निवासी लहरपुर सीतापुर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान मानव तस्करों ने बताया कि किशोरों को नेपाल में पोखरा जिले में लेकर जा रहे थे। वहां 
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आरा मशीन फैक्ट्री में उनसे काम करवाना था। उप कमांडेंट ने बताया कि किशोरों से पूछताछ के बाद उन्हें परिवारीजनों के सुपुर्द करने के लिए देहात संस्था को सौंप दिया गया है। मानव तस्करों को जेल भेजा जाएगा।
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पहले भी पकड़े गए मानव तस्कर

भारत-नेपाल सीमा मानव तस्करों को अरसे से रास आ रही है। आठ माह पूर्व नेपाल से तस्करी कर लाई जा रही तीन युवतियों को एसएसबी ने पकड़ा था। एक मानव तस्कर को दबोचा था। इसके पूर्व भारतीय सीमा क्षेत्र में आठ बच्चों को नेपाल में स्वयंसेवी संस्था ने पुलिस की मदद से मुक्त कराया था। ये बच्चे बहराइच, लखीमपुर, श्रावस्ती आदि जनपदों के थे, जिन्हें नेपाल के विभिन्न जिलों में बंधक बनाकर काम लिया जा रहा था।
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