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फिरौती के लिए वन विभाग के रेंजर का अपहरण
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बहराइच। वन विभाग में तैनात एक रेंजर का बुधवार की शाम कार्यालय से घर लौटते समय कुछ बदमाशों ने फिरौती के लिए अपहरण कर लिया। अपहरण की वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की टीम जांच में जुट गई। करीब छह घंटे बाद रेंजर को पुलिस टीम ने आसाम चौराहे के पास से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया। साथ ही पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी नाथूराम बहराइच वन प्रभाग में तैनात हैं। वह वन रेंजर के पद पर काम कर रहे हैं। बुधवार की शाम कार्यालय से काम निपटाकर वह अपने घर जा रहे थे। लौटते समय चिचड़ी गांव के पास अचानक कुछ बदमाशों ने चाकू से डरा धमकाकर रेंजर का अपहरण कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी मालती देवी को फोन कर फिरौती के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जाने लगी।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा के निर्देश पर दरगाह थाने के प्रभारी निरीक्षक मधुपनाथ मिश्रा और एसओजी की टीम तलाश में जुट गई। अपहरणकर्ताओं की तलाश में दबिश देने के दौरान पुलिस टीम ने आसाम चौराहे के पास धर्मकांटा के बगल में छिपाकर रखे गए रेंजर नाथूराम को तलाश लिया। वहीं, मौके से वारदात को अंजाम देने वाले कानपुर के मुहम्मदी खीरी निवासी विवेक गुप्ता और उसके साथी देव कुमार गुप्ता के साथ ही खजुरी गांव निवासी राजेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रेंजर की पत्नी की तहरीर पर अपहरण, फिरौती आदि की धाराओं में केस दर्ज कर तीनों बदमाशों को जेल भेज दिया है।
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मास्टर माइंड था राजेश
पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि राजेश वर्मा इस मामले का मास्टर माइंड था। एसपी ने बताया कि नाथूराम का दामाद उत्तराखंड के हरिद्वार में नौकरी करता था। यहां उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी चर्चा राजेश से करने पर उसने लड़की को मरवाने के एवज में रुपये ऐंठने के लिए पूरी साजिश रच डाली। इसके बाद लड़की को भी नहीं मारा। मगर हत्या करवाने की साजिश रचने में फंसाने के नाम पर रुपयों की वसूली करता रहा। दो दिनों तक रेंजर को अलग-अलग स्थानों पर रुपयेे लेकर आने को कहा गया था, मगर पुलिस व एसओजी के साथ होने के कारण नहीं ले सके। बाद में उनका अपहरण कर लिया।
चाट बेचकर की थी रेकी
अपहरण की साजिश के मास्टर माइंड राजेश ने करीब एक साल तक वारदात में शामिल देव कुमार व विवेक को अपने घर पर रखा था। यहां वह चाट बेच रहे थे और घर की रेकी भी कर रहे थे।
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श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी नाथूराम बहराइच वन प्रभाग में तैनात हैं। वह वन रेंजर के पद पर काम कर रहे हैं। बुधवार की शाम कार्यालय से काम निपटाकर वह अपने घर जा रहे थे। लौटते समय चिचड़ी गांव के पास अचानक कुछ बदमाशों ने चाकू से डरा धमकाकर रेंजर का अपहरण कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी मालती देवी को फोन कर फिरौती के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जाने लगी।
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इसकी सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा के निर्देश पर दरगाह थाने के प्रभारी निरीक्षक मधुपनाथ मिश्रा और एसओजी की टीम तलाश में जुट गई। अपहरणकर्ताओं की तलाश में दबिश देने के दौरान पुलिस टीम ने आसाम चौराहे के पास धर्मकांटा के बगल में छिपाकर रखे गए रेंजर नाथूराम को तलाश लिया। वहीं, मौके से वारदात को अंजाम देने वाले कानपुर के मुहम्मदी खीरी निवासी विवेक गुप्ता और उसके साथी देव कुमार गुप्ता के साथ ही खजुरी गांव निवासी राजेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रेंजर की पत्नी की तहरीर पर अपहरण, फिरौती आदि की धाराओं में केस दर्ज कर तीनों बदमाशों को जेल भेज दिया है।
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मास्टर माइंड था राजेश
पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि राजेश वर्मा इस मामले का मास्टर माइंड था। एसपी ने बताया कि नाथूराम का दामाद उत्तराखंड के हरिद्वार में नौकरी करता था। यहां उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी चर्चा राजेश से करने पर उसने लड़की को मरवाने के एवज में रुपये ऐंठने के लिए पूरी साजिश रच डाली। इसके बाद लड़की को भी नहीं मारा। मगर हत्या करवाने की साजिश रचने में फंसाने के नाम पर रुपयों की वसूली करता रहा। दो दिनों तक रेंजर को अलग-अलग स्थानों पर रुपयेे लेकर आने को कहा गया था, मगर पुलिस व एसओजी के साथ होने के कारण नहीं ले सके। बाद में उनका अपहरण कर लिया।
चाट बेचकर की थी रेकी
अपहरण की साजिश के मास्टर माइंड राजेश ने करीब एक साल तक वारदात में शामिल देव कुमार व विवेक को अपने घर पर रखा था। यहां वह चाट बेच रहे थे और घर की रेकी भी कर रहे थे।