फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Flood waters entered 114 new villages

114 और गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Wed, 27 Jul 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Wed, 27 Jul 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन
Flood waters entered 114 new villages
बहराइच के शिवपुर क्षेत्र में पानी से घिरे गांव तथा नाव से जाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर हो रही वर्षा के चलते पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी सरयू नदी के रास्ते मंगलवार रात बहराइच में पहुंचा है। इसके चलते नानपारा तहसील क्षेत्र में सैलाब की स्थिति बन गई है। 80 गांव पानी से घिर गए हैं। वहीं घाघरा में जलस्तर वृद्धि से 34 गांव में बाढ़ की विभीषिका उत्पन्न हो गई है।
विज्ञापन


लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य पूरी तरह नाकाफी दिख रहे हैं। जैसे-तैसे लोग गृहस्थी को बचाने की जुगत में हैं। जलस्तर में निरंतर वृद्धि से हालात बिगड़ते जा
विज्ञापन

रहे हैं। नेपाल पर हो रही भारी वर्षा के चलते अर्ली वार्निंग सिस्टम के द्वारा नेपाल ने 24 घंटे पहले बहराइच जिला प्रशासन को बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए अलर्ट किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार भोर में पांच बजे नानपारा क्षेत्र के विकास खंड शिवपुर परिक्षेत्र में सरयू नदी उफनाकर बाढ़ का सबब बन गई। नदी का पानी मोतीपुरवा, दीनापुरवा, ठेकापुरवा, चुरईपुरवा, गदेरिया, बलदूरामपुरवा, पुर्बियापुरवा, भुजंगपुरवा, सोमई गांव, पाठक गांव, चौकसाहार, उपरिहनपुरवा, शिवपुर बाजार, टिकानपुरवा, अंबेरपुर समेत 114 नए गांवों में घुस गया।

जिसके चलते हड़कंप की स्थिति बनी। लेकिन ग्रामीण चाहकर भी धरों से नहीं निकल सके। इस समय स्थिति यह है कि लोगों के गांव और घरों में दो से तीन फुट पानी भरा हुआ है। मवेशियों के अहाते और छप्पर पर बच्चे व महिलाएं शरण लिए हुए हैं। महसी तहसील के 34 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

इन गांवों में 20 नावें लगाई गई हैं जो नाकाफी साबित हो रही हैं। नदी के तटवर्ती इलाकों में बसे 13 गांवों में स्थिति काफी बदहाल है। गृहस्थी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। लेकिन अब तक राहत व बचाव के उपाय नहीं किये गए हैं। कुछ ग्रामीण अपनी जान मोखिम में डालकर गृहस्थी समेट सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। 

प्रतिवर्ष नेपाल से पानी छोड़े जाने के चलते अचानक बाढ़ की स्थिति बनती है। तब एक बहाना होता था कि अचानक बाढ़ आ गई। लेकिन इस बार नानपारा में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित होने के बाद पहली बार 24 घंटे पूर्व बाढ़ की संभावना के मद्देनजर अलर्ट कर दिया गया। इसके बावजूद तहसील व जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

महसी और नानपारा में उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति के प्रति जिला प्रशासन की चुप्पी के बावजूद पीजीवीएस संस्था के कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। संस्था की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9696322322 जारी किया गया है। इस पर ग्रामीण मदद ले सकते हैं। 

बाढ़ के चलते शिवपुर के गुजरातीपुरवा में ग्रामीण बदहाल हैं। यहां पर नन्हें-मुन्हें बच्चे मवेशियों के नांद पर शरण लिए हुए हैं। वहीं चिकानपुरवा में कमर भर पानी गांव के मार्गों पर चल रहा है। शिवपुर-नानपारा मार्ग पर बाजार में पानी घुस गया है। गांवों में ग्रामीणों के साथ मवेशी भी फंसे हुए हैं। उनकी सामत है।

घाघरा और सरयू नदियों का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज के निकट स्थित केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि दोपहर में घाघरा नदी का जलस्तर 106.376 मीटर मापा गया। जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। उधर सरयू नदी भी पूरी तरह उफान पर है। 

अर्ली वार्निंग सिस्टम सेंटर नानपारा के प्रभारी व पूर्व सूचना प्रणाली कार्यक्रम के जिला समन्वयक कमल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर नेपाल के चेपांग में सामान्य चार मीटर है। जबकि वार्निंग 4.5 मीटर पर है। इस समय चेपांग में सरयू नदी 4.24 मीटर पर बह रही है।

वहीं घाघरा नदी चीसा पानी नेपाल में 7.22 मीटर के मानक पर है। नेपाल से भारतीय क्षेत्र में पानी आने में 10-12 घंटे का समय लगता है। ऐसे में रात तक और पानी आने की संभावना है। ऐसे में स्थिति काफी भयावह होगी। भारतीय सीमा से सटे नेपाल के होलिया गांव विकास समिति में रात में अचानक बादल फट गया।

इससे घाघरा, सरयू के साथ ही राप्ती नदी के जलस्तर में इजाफा हुआ है। पीजीवीएस के डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर कमल त्रिपाठी ने बताया कि नेपाल में हेलीकाप्टर की मदद से 120 लोगों का रेस्क्यू किया गया है।

नानपारा के उपजिलाधिकारी अमिताभ यादव का कहना है कि बाढ़ नहीं है। बरसाती पानी के चलते नदी में उफान है। कुछ गांव पानी से घिरे जरूर हैं, लेकिन स्थिति सामान्य है। वहीं पूर्वांचल ग्रामीण विकास संस्थान के जिला समन्वयक कमल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि बाढ़ से शिवपुर विकास खंड के 80 और घाघरा से महसी तहसील के 34 गांव प्रभावित हैं। संस्थान के कार्यकर्ता मदद में जुटे हुए हैं। मोटरबोट और नावों के सहारे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 


बहराइच के डीएम अभय कुमार ने बताया कि ‌जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदियां मामूली उफनाई हुई हैं। जिससे जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हम लोग अगस्त में बाढ़ मानते हैं। अभी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। नानपारा, महसी औैर कैसरगंज तहसील में बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं। नावें लगी हुई हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed