{"_id":"5745ef864f1c1bd1406907ed","slug":"farmer-test-the-soil-fertility","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी की उर्वराशक्ति का परीक्षण कराएं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी की उर्वराशक्ति का परीक्षण कराएं किसान
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 26 May 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
बहराइच के कृषि विभाग में बुधवार को मिट्टी का परीक्षण कराते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के निर्देश पर बुधवार को जिले में अपनी मिट्टी पहचानो दिवस का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद से आए निदेशक शोध डॉ भगवान सिंह ने किया। इस अभियान के तहत बुधवार की शाम चार बजे तक 3698 मिट्टी के नमूने जुटाए गए।
विज्ञापन
वहीं क्षेत्रीय शोध परामर्शदात्री बैठक में नवीनतम तकनीक के प्रयोग व ज्यादा उपज प्राप्त करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। निदेशक शोध डॉ. भगवान सिंह बुधवार को फसल अनुसंधान केंद्र पहुंचे। उन्होंने केंद्र के प्रक्षेत्र पर मृदा नमूना लेकर अपनी मिट्टी पहचानो दिवस का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति की जांच के लिए मिट्टी की जांच कराने की अपील की। इसके बाद क्षेत्रीय शोध परामर्श दात्री बैठक का आयोजन कृषि भवन सभागार में किया गया। इस मौके पर खरीफ सीजन में उपज बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
किसानों को खरपतवार नियंत्रण, कीट व्याधि नियंत्रण, उन्नतशील बीजों के चयन, बीज शोधन, मृदा शोधन आदि की जानकारी दी गई। इस मौके पर केंद्र के प्रभारी डॉ एमवी सिंह ने किसानों को मृदा नमूना के अनुसार उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी।
उप निदेशक कृषि एके सागर ने बताया कि खरीफ सीजन में जिले में 27 हजार 934 नमूना ग्रहीत किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिसके तहत 25 मई को 9310 व 31 मई को 9310 एवं छह जून को 9314 नमूना ग्रहीत किया जाएगा।
उन्होंने सभी विकास खंडों से प्राप्त सूचना के अनुसार शाम चार बजे तक 3698 मिट्टी के नमूने लिए जा चुके थे। इस अवसर पर उद्यान अधिकारी डॉ. महेश श्रीवास्तव, मृदा प्रयोगशाला प्रभारी धीरज कुमार भारती, घनश्याम बाबू श्रीवास्तव समेत कृषि वैज्ञानिक व किसान मौजूद रहे।