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कतर्नियाघाट जंगल में मृत मिला हाथी, डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज की सदर बीट के जंगल में एक नर हाथी मृत मिला। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। दुधवा के फील्ड डायरेक्टर व डीएफओ ने वनकर्मियों के साथ मौके का जायजा लिया। वनकर्मियों के मुताबिक, हाथी की मौत लगभग 10 दिन पूर्व हुई है। मृत हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। मालूम हो कि एक माह में दूसरी बार हाथी की मौत हुई है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र जंगली हाथियों को खूब रास आ रहा है। जंगल नेपाल सीमा से सटा हुआ है। नेपाल के रायल बर्दिया पार्क से काफी संख्या में हाथी कतर्निया जंगल में पहुंच गए हैं। ये हाथी यहीं के निवासी हो गए हैं। संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट में गेरुआ नदी के पास शुक्रवार सुबह वनकर्मी गश्त कर रहे थे।
वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि गश्त कर रहे वनकर्मियों ने सूचना दी कि मृत हाथी का शव मिला है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक व डीएफओ यशवंत सिंह वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी नर है। हाथी की उम्र लगभग 50 वर्ष है। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी का शव करीब 10 दिन पुराना लग रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज की सदर बीट में बेंत का घना जंगल है। जिसमें हाथी के अलावा अन्य जीव पाए जाते हैं, लेकिन हाथी की मौत के बाद किसी को पता नहीं चल सका। गश्त पर निकले वनकर्मियों को दुर्गंध मिलने पर हाथी के मृत होने की सूचना मिली।
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि एनटीसीए के प्रतिनिधि दबीर हसन और पीसीएफ वाइल्ड लाइफ के फैज खान की देखरेख में तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा। इनमें डॉ. बीके भार्गव, डॉ. सर्वेश राय और डॉ. दया शामिल हैं। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
इससे पहले भी कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ट्रांस गेरुआ में स्थित बेंत के जंगल में 18 वर्षीय नर हाथी का शव बेंत की झाड़ियों में फंसा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के हमले और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र जंगली हाथियों को खूब रास आ रहा है। जंगल नेपाल सीमा से सटा हुआ है। नेपाल के रायल बर्दिया पार्क से काफी संख्या में हाथी कतर्निया जंगल में पहुंच गए हैं। ये हाथी यहीं के निवासी हो गए हैं। संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट में गेरुआ नदी के पास शुक्रवार सुबह वनकर्मी गश्त कर रहे थे।
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वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि गश्त कर रहे वनकर्मियों ने सूचना दी कि मृत हाथी का शव मिला है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक व डीएफओ यशवंत सिंह वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी नर है। हाथी की उम्र लगभग 50 वर्ष है। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी का शव करीब 10 दिन पुराना लग रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज की सदर बीट में बेंत का घना जंगल है। जिसमें हाथी के अलावा अन्य जीव पाए जाते हैं, लेकिन हाथी की मौत के बाद किसी को पता नहीं चल सका। गश्त पर निकले वनकर्मियों को दुर्गंध मिलने पर हाथी के मृत होने की सूचना मिली।
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि एनटीसीए के प्रतिनिधि दबीर हसन और पीसीएफ वाइल्ड लाइफ के फैज खान की देखरेख में तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा। इनमें डॉ. बीके भार्गव, डॉ. सर्वेश राय और डॉ. दया शामिल हैं। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
इससे पहले भी कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के ट्रांस गेरुआ में स्थित बेंत के जंगल में 18 वर्षीय नर हाथी का शव बेंत की झाड़ियों में फंसा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के हमले और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी।