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रातभर बाधित रही 130 गांवों की बिजली

Tue, 06 Oct 2020 10:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 10:06 PM IST
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Electricity in 130 villages was disrupted overnight
बहराइच में मंगलवार को हड़ताल के दौरान माल गोदाम रोड स्थित बिजली कार्यालय के परिसर में प्रदर्शन क - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। बिजली कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना देते हुए निजीकरण के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बिगड़ गए हैं। करीब 130 गांवों की बिजली पूरी रात बाधित रही। इन गांवों में मंगलवार को भी विद्युत आपूर्ति नहीं हो सकी। कर्मचारियों ने सरकार के प्रस्ताव वापस नहीं लेने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार से तालाबंदी व कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है। विरोध प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने माल गोदाम रोड स्थित कार्यालय में धरना मंगलवार को भी जारी रखा। इस दौरान समिति के संयोजक हर्षराज रस्तोगी ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल सरकार की ओर से मांगों को पूरा नहीं किए जाने तक जारी रहेगी। सरकार को निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेना ही पड़ेगा। जूनियर इंजीनियर संघ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि निजीकरण किए जाने के प्रस्ताव पर सरकार अपना रुख स्पष्ट नहीं कर रही है। निजीकरण का कारण स्पष्ट नहीं किया जा रहा है।
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उधर, बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के कारण शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में हालात और खराब हो गए हैं। हड़ताल के चलते करीब 130 गांवों की बिजली सप्लाई पूरी रात बाधित रही। हुजूरपुर क्षेत्र के करीब 10 गांवों में सोमवार से मंगलवार तक बिजली की आपूर्ति ठप है। यही हालात रिसिया के भी कुछ गांवों के हैं। वहीं नानपारा, मटेरा, जरवल, फखरपुर, कैसरगंज आदि इलाकों में भी कई गांवों की बिजली गुल है। ऐसे में कुछ और दिन आंदोलन चलने पर हालात और खराब होने के संकेत मिल रहे हैं।
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डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने दिया समर्थन
बिजली कर्मचारियों के हितों को देखते हुए आंदोलन को तेज करने के उद्देश्य से डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ भी मैदान में कूद गया है। संघ के जिलाध्यक्ष नीरज वर्मा ने बताया कि निजीकरण का विरोध करने वाले कर्मचारियों का उत्पीड़न हुआ तो महासंघ भी आंदोलन में साथ खड़ा हो जाएगा।

कंट्रोल रूम से कहा गया, चादर तानकर सो जाइए
जिला प्रशासन ने बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को देखते हुए कंट्रोल रूम बनाया है। शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा, फ्रीगंज, गुलामअलीपुरा, नौव्वागढ़ी आदि में बिजली सोमवार की रात अचानक कट गई। रात को कुछ लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन किया, जिस पर कर्मचारियों ने चादर तानकर सो जाने की सलाह दी। उधर, सीआरओ प्रदीप कुमार यादव को भी कुछ लोगों ने फोन किया, मगर वह भी असहाय ही नजर आए।
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