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चिकित्सकों को मिलेगा मिनी लैब का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 09 Nov 2015 10:02 PM IST
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बहराइच। ‘छोटा परिवार-सुखी परिवार’ का जुमला सुखद है लेकिन यह जुमला तभी सार्थक होता है जब पति-पत्नी परिवार नियोजन संबंधी पूरी जानकारी रखते हों।
इस गैप को भरने के लिए उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट ने कदम बढ़ाया है। इस सिलसिले में सोमवार को टीएसयू की प्रादेशिक टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम ने परिवार नियोजन की आधुनिक मिनी लैब विधि प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं का जायजा लिया है।
उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट की अधिकारी डॉ. राखी शाही व डॉ. दीप्तमान दास सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल के सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय को अपने उद्देश्यों से अवगत कराया और जिले की बढ़ती जनसंख्या पर रोकथाम के लिए मिनी लैब प्रशिक्षण की जानकारी दी। यह विधि सरल है।
इससे संक्रमण का खतरा भी न के बराबर है। सबसे अच्छी बात यह कि महिला को नसबंदी के उसी दिन अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी।
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. राखी ने बताया कि गर्भधारण का समय, स्वास्थ्य, सही समय, शारीरिक रोग, दो बच्चों के बीच में अंतर, बच्चे का लालन-पालन तथा परिवार की खुशियों के लिए यह अधिक आवश्यक है कि स्त्रियों को परिवार नियोजन से संबंधित पूरी जानकारी होनी चाहिए।
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वर्तमान समय में पति-पत्नी को परिवार नियोजन की विधियों को जानना तथा उसमें से किसी एक तरीके को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में 16 से 28 नवंबर तक प्रशिक्षण सत्र चलाया जाएगा।
इस दौरान श्रावस्ती के डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. स्वाती पांडेय, कैसरगंज के डॉ. एसके सिंह समेत चार डॉक्टरों को मिनी लैब विधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही डॉक्टरों को बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया जाएगा। जिले के सभी एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिए जाने का कार्यक्रम है। प्रशिक्षण के बाद नसबंदी की प्रगति व केसों का अवलोकन भी किया जाएगा।
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इस गैप को भरने के लिए उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट ने कदम बढ़ाया है। इस सिलसिले में सोमवार को टीएसयू की प्रादेशिक टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम ने परिवार नियोजन की आधुनिक मिनी लैब विधि प्रशिक्षण के लिए सुविधाओं का जायजा लिया है।
उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट की अधिकारी डॉ. राखी शाही व डॉ. दीप्तमान दास सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल के सीएमएस डॉ. माहेश्वरी पांडेय को अपने उद्देश्यों से अवगत कराया और जिले की बढ़ती जनसंख्या पर रोकथाम के लिए मिनी लैब प्रशिक्षण की जानकारी दी। यह विधि सरल है।
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इससे संक्रमण का खतरा भी न के बराबर है। सबसे अच्छी बात यह कि महिला को नसबंदी के उसी दिन अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी।
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. राखी ने बताया कि गर्भधारण का समय, स्वास्थ्य, सही समय, शारीरिक रोग, दो बच्चों के बीच में अंतर, बच्चे का लालन-पालन तथा परिवार की खुशियों के लिए यह अधिक आवश्यक है कि स्त्रियों को परिवार नियोजन से संबंधित पूरी जानकारी होनी चाहिए।
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वर्तमान समय में पति-पत्नी को परिवार नियोजन की विधियों को जानना तथा उसमें से किसी एक तरीके को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में 16 से 28 नवंबर तक प्रशिक्षण सत्र चलाया जाएगा।
इस दौरान श्रावस्ती के डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. स्वाती पांडेय, कैसरगंज के डॉ. एसके सिंह समेत चार डॉक्टरों को मिनी लैब विधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही डॉक्टरों को बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया जाएगा। जिले के सभी एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिए जाने का कार्यक्रम है। प्रशिक्षण के बाद नसबंदी की प्रगति व केसों का अवलोकन भी किया जाएगा।