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Bahraich News: डीएम आज दस विस्थापित परिवारों को करेंगी सम्मानित

Sun, 13 Aug 2023 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 13 Aug 2023 11:05 PM IST
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DM will honor ten displaced families today
नगर पालिका के सभागार में आयोजित होगा कार्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। बंटवारे की याद आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी कर देती है। 14 अगस्त को देश में जा रहे विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहर के नगर पालिका परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले के विस्थापित परिवार भारत-पाक बंटवारे की भयानक त्रासदी के दर्द को आपस में बैठकर एक दूसरे के साथ साझा करेंगे। कार्यक्रम में डीएम मोनिका रानी दस विस्थापित परिवार के बुजुर्गों को सम्मानित करेंगी।
कार्यक्रम आयोजक पर्यटन अधिकारी मनीष मल्होत्रा ने बताया कि 1947 में भारत-पाक बंटवारे की त्रासदी की याद ताजा करने के लिए पीड़ितों के सम्मान में देशभर में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी के तहत 14 अगस्त को नगर पालिका के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पर्यटन अधिकारी मल्होत्रा ने बताया कि कार्यक्रम में बंटवारे के दौरान पाकिस्तान के उड़ाका मंडी से आई 95 वर्षीय सीता भल्ला, फतेहगंज से 87 वर्षीय चंद्रकांता मल्होत्रा, अकालगढ़ गुजरावालां से 85 वर्षीय वेदप्रकाश आरोरा व 76 वर्षीय योगेश अरोरा, जिला सक्खर की 85 वर्षीय राधादेवी, मंडी बहुलदीन से जसबीर कौर भाटिया, कन्हैया लाल रूपानी, धर्मवीर सिंह, हरवीर कौर व रमेश अलमानी को डीएम मोनिका रानी दुशाला ओढ़ाने के साथ पुष्प भेंटकर सभी को सम्मानित करेंगी।
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मनीष ने बताया कि 14 अगस्त से पूर्व शान से रहने वाले लोक अचानक अर्श से फर्श पर कैसे आ गए सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। किस तरह दोबारा अपने जख्मों को भूलकर तिनका-तिनका जोड़कर हमारे बुजुर्गों ने हमें सम्मानजनक जीवन जीने लायक बनाया, सिर्फ सुनकर ही शरीर में सिरहन दौड़ने लगती है।
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मनीष बताते हैं कि आंखों के सामने रक्त रंजिश लाशों के बीच से निकलकर रिफ्यूजी कैंपों में परिवार की तलाश करते हुए पूर्वज खाली हाथ बहराइच पहुंचे थे। गनीमत इतनी थी कि हिंदुस्तान पहुंचने के बाद सिख गुरुद्वारों और आरएसएस के लोगों ने सेवाभाव में अपनी कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी थी। कार्यक्रम की तैयारी में जुटे रिफ्यूजी परिवार के कुलभूषण आरोरा व राजेश मंसानी ने भी अपने बंटवारे के दौरान बुजुर्गों के दु:खद क्षणों को याद कर अपना-अपना दर्द बयां किया।
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