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2024 तक विकसित बहराइच बनाएं : राजीव
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बहराइच। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार देर शाम को नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने जिले के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। इसमें जिलाधिकारी ने बताया कि 602 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित की गई है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया गया है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों को मिशन कायाकल्प के तहत विभिन्न उपकरणों से आच्छादित किया गया है। इस पर हर्ष जताते हुए उपाध्यक्ष ने 2024 से पहले जिले को आकांक्षात्मक जनपद से बाहर लाने की बात कही।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने की। निदेशक अनामिका सिंह, वरिष्ठ सलाहकार रामा कामा राजू, अपर निजी सचिव शिवम तेवतिया के साथ जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। उपाध्यक्ष ने आकांक्षात्मक जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, वित्तीय समायोजन, कौशल विकास, कृषि सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में समीक्षा करते हुए उल्लेखनीय सुधार पर हर्ष जताया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया गया है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों को मिशन कायाकल्प के तहत उपकरणों व मैन पावर से सुसज्जित किया गया है। जिससे मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी आई है। डीएम ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाओं की जांच, बच्चों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पुष्टाहार का नियमित वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले के 602 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की गई है। इसके अलावा अति कुपोषित परिवारों को गोदान भी किया गया है। उपाध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी इसी उत्साह के साथ जिले में विकास कार्यों को गति देते रहें। जिससे वर्ष 2024 से पहले बहराइच को आकांक्षात्मक जिले की श्रेणी से बाहर लाया जा सके। इस दौरान सीडीओ कविता मीना, उपजिलाधिकारी सदर (आईएएस) सौरभ गंगवार, सूरज पटेल, सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव, डीडीओ राजेश कुमार मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।
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समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही प्रयास किया जाए कि प्रत्येक ब्लॉक में जैविक खेती करने वाले किसान को चिह्नित कर उन्हें रोल मॉडल के रूप में पहचान दिलाएं। जिससे दूसरे किसान भी जैविक खेती की ओर रुख करें। उपाध्यक्ष ने कहा कि बांस उत्पादन के लिए जिले की जलवायु अनुकूल है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी के बांस तथा बांस आधारित प्रोडक्ट के लिए भी लोगों को आगे बढ़ाएं।
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कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने की। निदेशक अनामिका सिंह, वरिष्ठ सलाहकार रामा कामा राजू, अपर निजी सचिव शिवम तेवतिया के साथ जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। उपाध्यक्ष ने आकांक्षात्मक जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, वित्तीय समायोजन, कौशल विकास, कृषि सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में समीक्षा करते हुए उल्लेखनीय सुधार पर हर्ष जताया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया गया है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों को मिशन कायाकल्प के तहत उपकरणों व मैन पावर से सुसज्जित किया गया है। जिससे मातृ-शिशु मृत्युदर में कमी आई है। डीएम ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाओं की जांच, बच्चों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पुष्टाहार का नियमित वितरण किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जिले के 602 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की गई है। इसके अलावा अति कुपोषित परिवारों को गोदान भी किया गया है। उपाध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी इसी उत्साह के साथ जिले में विकास कार्यों को गति देते रहें। जिससे वर्ष 2024 से पहले बहराइच को आकांक्षात्मक जिले की श्रेणी से बाहर लाया जा सके। इस दौरान सीडीओ कविता मीना, उपजिलाधिकारी सदर (आईएएस) सौरभ गंगवार, सूरज पटेल, सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव, डीडीओ राजेश कुमार मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।
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समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही प्रयास किया जाए कि प्रत्येक ब्लॉक में जैविक खेती करने वाले किसान को चिह्नित कर उन्हें रोल मॉडल के रूप में पहचान दिलाएं। जिससे दूसरे किसान भी जैविक खेती की ओर रुख करें। उपाध्यक्ष ने कहा कि बांस उत्पादन के लिए जिले की जलवायु अनुकूल है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी के बांस तथा बांस आधारित प्रोडक्ट के लिए भी लोगों को आगे बढ़ाएं।