{"_id":"57dc38d74f1c1b447fd47f49","slug":"crocodile-attack-on-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"मगरमच्छ का किसान पर हमला, गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मगरमच्छ का किसान पर हमला, गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
नाला पार करते समय शुक्रवार सुबह अधेड़ किसान पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। खुद को बचाने के लिए किसान ने मगरमच्छ से 20-25 मिनट संघर्ष किया। चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से किसान बच पाया लेकिन मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज में गुलालपुरवा गांव बरसाती नाले के निकट आबाद है। ग्रामीण नाले को पार कर खेत जाते-आते हैं। शुक्रवार सुबह गांव का किशोरी प्रसाद (55) धान की रखवाली के लिए नाला पार कर खेत को जा रहा था तभी अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। खुद को बचाने के लिए किशोरी मगरमच्छ से भिड़ गया।
इस दौरान मगरमच्छ ने उसका एक हाथ चबा लिया। किशोरी ने 20-25 मिनट तक मगरमच्छ से संघर्ष करने के साथ शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और किसी तरह किशोरी को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया। लेकिन उसके हमले में किशोरी का हाथ व पैर लहूलुहान हो गया।
विज्ञापन
आनन फानन में उसे सीएचसी मिहींपुरवा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ग्राम प्रधान बलराम ने बताया कि रेंज कार्यालय को सूचना देने के लिए फोन किया लेकिन रिसीव नहीं हुआ। अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज में गुलालपुरवा गांव बरसाती नाले के निकट आबाद है। ग्रामीण नाले को पार कर खेत जाते-आते हैं। शुक्रवार सुबह गांव का किशोरी प्रसाद (55) धान की रखवाली के लिए नाला पार कर खेत को जा रहा था तभी अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। खुद को बचाने के लिए किशोरी मगरमच्छ से भिड़ गया।
विज्ञापन
इस दौरान मगरमच्छ ने उसका एक हाथ चबा लिया। किशोरी ने 20-25 मिनट तक मगरमच्छ से संघर्ष करने के साथ शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और किसी तरह किशोरी को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया। लेकिन उसके हमले में किशोरी का हाथ व पैर लहूलुहान हो गया।
विज्ञापन
आनन फानन में उसे सीएचसी मिहींपुरवा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ग्राम प्रधान बलराम ने बताया कि रेंज कार्यालय को सूचना देने के लिए फोन किया लेकिन रिसीव नहीं हुआ। अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं।