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सांप्रदायिकता के विरोध में उमड़ा हुजूम
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 26 Dec 2015 10:00 PM IST
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श्रावस्ती। सांप्रदायिकता के विरोध में शनिवार को करीब दस हजार लोगों का हुजूम सड़क पर उतर आया। सांसद दद्दन मिश्रा की अगुवाई में लोगों ने भिनगा के काली मंदिर में जनसभा की, फिर धारा 144 तोड़कर पुलिस लाइंस तक विरोध जुलूस निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी। प्रदर्शनकारी चहलवा, गिरंट व एक हिंदू युवक की हत्या करने का प्रयास करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
गौरतलब है कि एक माह में तीन बार दो समुदाय के लोग आमने-सामने आए, जबकि कुछ दिन पहले भिनगा कोतवाली में कुछ लोग एक हिंदू युवक की हत्या करने की नीयत से पहुंचे थे।
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इसकी शिकायत पुलिस व प्रशासन से करने के बाद भी उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे भड़के लोगों ने शनिवार को भिनगा नगर को करीब पांच घंटे तक जाम रखा।
सांसद दद्दन मिश्रा व नगर के वरिष्ठ नागरिकों ने सांप्रदायिक माहौल बनाने वालों के खिलाफ सुबह दस बजे भिनगा बाजार बंद करा दिया। फिर सभी काली मंदिर परिसर में एकत्र हुए।
एक घंटे में यहां भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। यहां सांसद ने पहले जनसभा की। फिर, नगर में जुलूस निकालने के लिए जैसे ही लोग आगे बढ़े पुलिस ने मंदिर की घेराबंदी कर ली।
प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी तोड़कर नगर में जुलूस निकाला। धारा 144 का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारी छावनी बाजार, ईदगाह तिराहा होते हुए लगभग चार किलोमीटर का सफर पैदल तय करके पुलिस लाइंस पहुंचे। यहां सभी ने अपनी गिरफ्तारी दी। देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
इस बारे में सांसद दद्दन मिश्र ने कहा कि वर्ग विशेष द्वारा लगातार हिंदुओं पर आघात किया जा रहा है। गिरंट में दो हिंदुओं को घेर कर पीटा। इसके बाद चहलवा में जबरन नए रास्ते पर जाने के लिए उपद्रव कर हिंदुओं पर पथराव किया।
वहीं, भिनगा नगर में एक हिंदू युवक पर फर्जी आरोप लगाकर उसकी हत्या के लिए कोतवाली में घुस गए। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में करीब दस हजार लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
दल से बड़ा निकला धर्म
जाति विशेष द्वारा बार-बार हिंदुओं पर किए हमले से आहत आंदोलनकारियों में सब कुछ दल से ऊपर नजर आया। इस दौरान सपा के समर्थन सेे जिला पंचायत सदस्य बने राम अभिलाख यादव भी अपने काफिले के साथ आंदोलन में शिरकत करते हुए देखे गए। इस दौरान उनका कहना था कि यह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। यह समाज का कार्यक्रम है। कोई भी व्यक्ति अपने समाज से हटकर नहीं रह सकता।
शांतिपूर्ण माहौल के लिए महिलाएं भी आगे आईं
सांप्रदायिकता के खिलाफ महिलाएं भी आगे आईं। चहलवा गांव से आई महिलाओं ने बताया कि गांव में सन्नाटा है। दूसरे समुदाय के लोग धमकी दे रहे हैं कि पीएसी हटने के बाद उन पर फिर हमला होगा। ऐसे में जब मरना ही है तो अपने लोगों के साथ भिनगा में ही क्यों न मरें।
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प्रदर्शनकारियों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी। प्रदर्शनकारी चहलवा, गिरंट व एक हिंदू युवक की हत्या करने का प्रयास करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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गौरतलब है कि एक माह में तीन बार दो समुदाय के लोग आमने-सामने आए, जबकि कुछ दिन पहले भिनगा कोतवाली में कुछ लोग एक हिंदू युवक की हत्या करने की नीयत से पहुंचे थे।
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इसकी शिकायत पुलिस व प्रशासन से करने के बाद भी उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे भड़के लोगों ने शनिवार को भिनगा नगर को करीब पांच घंटे तक जाम रखा।
सांसद दद्दन मिश्रा व नगर के वरिष्ठ नागरिकों ने सांप्रदायिक माहौल बनाने वालों के खिलाफ सुबह दस बजे भिनगा बाजार बंद करा दिया। फिर सभी काली मंदिर परिसर में एकत्र हुए।
एक घंटे में यहां भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। यहां सांसद ने पहले जनसभा की। फिर, नगर में जुलूस निकालने के लिए जैसे ही लोग आगे बढ़े पुलिस ने मंदिर की घेराबंदी कर ली।
प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी तोड़कर नगर में जुलूस निकाला। धारा 144 का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारी छावनी बाजार, ईदगाह तिराहा होते हुए लगभग चार किलोमीटर का सफर पैदल तय करके पुलिस लाइंस पहुंचे। यहां सभी ने अपनी गिरफ्तारी दी। देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
इस बारे में सांसद दद्दन मिश्र ने कहा कि वर्ग विशेष द्वारा लगातार हिंदुओं पर आघात किया जा रहा है। गिरंट में दो हिंदुओं को घेर कर पीटा। इसके बाद चहलवा में जबरन नए रास्ते पर जाने के लिए उपद्रव कर हिंदुओं पर पथराव किया।
वहीं, भिनगा नगर में एक हिंदू युवक पर फर्जी आरोप लगाकर उसकी हत्या के लिए कोतवाली में घुस गए। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में करीब दस हजार लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
दल से बड़ा निकला धर्म
जाति विशेष द्वारा बार-बार हिंदुओं पर किए हमले से आहत आंदोलनकारियों में सब कुछ दल से ऊपर नजर आया। इस दौरान सपा के समर्थन सेे जिला पंचायत सदस्य बने राम अभिलाख यादव भी अपने काफिले के साथ आंदोलन में शिरकत करते हुए देखे गए। इस दौरान उनका कहना था कि यह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। यह समाज का कार्यक्रम है। कोई भी व्यक्ति अपने समाज से हटकर नहीं रह सकता।
शांतिपूर्ण माहौल के लिए महिलाएं भी आगे आईं
सांप्रदायिकता के खिलाफ महिलाएं भी आगे आईं। चहलवा गांव से आई महिलाओं ने बताया कि गांव में सन्नाटा है। दूसरे समुदाय के लोग धमकी दे रहे हैं कि पीएसी हटने के बाद उन पर फिर हमला होगा। ऐसे में जब मरना ही है तो अपने लोगों के साथ भिनगा में ही क्यों न मरें।