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कर्ज में डूबे बुजुर्ग ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2016 10:17 PM IST
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राधापुरवा जुगरा माफी गांव निवासी एक बुजुर्ग ने घर खर्च के लिए साल भर पूर्व गांव के एक व्यक्ति से आठ हजार रुपये उधार लिए थे। कर्ज देने वाला व्यक्ति इधर कुछ दिनों से तगादा कर रहा था। इससे परेशान बुजुर्ग ने पैसों के इंतजाम में मदद नहीं करने पर शनिवार रात अपने बेटे को कड़ी फटकार लगाई।
इसके बाद जब परिवार के लोग सो गए तो बुजुर्ग ने फांसी लगा ली। सुबह फंदे पर उसका शव लटका देख घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बौंडी थाना अंतर्गत राधापुरवा जुगरामाफी गांव निवासी नकछेद (60) मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता था।
पारिवारिक खर्च के लिए साल भर पूर्व उसने गांव के एक व्यक्ति से आठ हजार रुपये उधार लिए थे। उसने दो-तीन महीने में रकम लौटाने की बात कही थी। मगर बाढ़ और कटान के चलते इधर कई दिन से नकछेद को काम नहीं मिल रहा था। ऐसे में घर खर्च चलाना भी दूभर हो रहा था। नकछेद ने बेटे मोहम्मद आरिफ से कर्ज चुकाने के लिए कुछ रकम जुटाने को कहा था।
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मगर आरिफ भी मजदूरी कर रकम नहीं जुटा सका। इधर कुछ दिनों से कर्ज देने वाला व्यक्ति रकम लौटाने के लिए नकछेद पर दबाव बना रहा था। इसी को लेकर परेशान नकछेद ने शनिवार रात पुत्र आरिफ को भला-बुरा कहा। परिवार के लोगों ने किसी तरह उसे शांत कराया।
मगर बेटे से विवाद के बाद क्षुब्ध नकछेद ने रात में परिवारीजनों के सो जाने पर घर के बड़ेर में फंदा बांधकर फांसी लगा ली। सुबह परिवारीजन सोकर उठे तो फंदे पर उसका शव लटका देख घर में कोहराम मच गया।
सूचना पाकर बौंडी थानाध्यक्ष विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरिफ का कहना है कि कर्जे चुकाने में असमर्थता व रात में विवाद होने से क्षुब्ध होकर पिता ने आत्महत्या की है।
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इसके बाद जब परिवार के लोग सो गए तो बुजुर्ग ने फांसी लगा ली। सुबह फंदे पर उसका शव लटका देख घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बौंडी थाना अंतर्गत राधापुरवा जुगरामाफी गांव निवासी नकछेद (60) मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता था।
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पारिवारिक खर्च के लिए साल भर पूर्व उसने गांव के एक व्यक्ति से आठ हजार रुपये उधार लिए थे। उसने दो-तीन महीने में रकम लौटाने की बात कही थी। मगर बाढ़ और कटान के चलते इधर कई दिन से नकछेद को काम नहीं मिल रहा था। ऐसे में घर खर्च चलाना भी दूभर हो रहा था। नकछेद ने बेटे मोहम्मद आरिफ से कर्ज चुकाने के लिए कुछ रकम जुटाने को कहा था।
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मगर आरिफ भी मजदूरी कर रकम नहीं जुटा सका। इधर कुछ दिनों से कर्ज देने वाला व्यक्ति रकम लौटाने के लिए नकछेद पर दबाव बना रहा था। इसी को लेकर परेशान नकछेद ने शनिवार रात पुत्र आरिफ को भला-बुरा कहा। परिवार के लोगों ने किसी तरह उसे शांत कराया।
मगर बेटे से विवाद के बाद क्षुब्ध नकछेद ने रात में परिवारीजनों के सो जाने पर घर के बड़ेर में फंदा बांधकर फांसी लगा ली। सुबह परिवारीजन सोकर उठे तो फंदे पर उसका शव लटका देख घर में कोहराम मच गया।
सूचना पाकर बौंडी थानाध्यक्ष विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरिफ का कहना है कि कर्जे चुकाने में असमर्थता व रात में विवाद होने से क्षुब्ध होकर पिता ने आत्महत्या की है।