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एनएचएम की टीम ने भी खंगाले दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 21 Nov 2015 10:08 PM IST
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बहराइच। राष्ट्रीय हेल्थ मिशन की केंद्रीय टीम ने शनिवार को फखरपुर पीएचसी में जननी सुरक्षा योजना के दस्तावेजों की जांच की। यहां करीब चार घंटे बिताने के बाद टीम ने कैसरगंज पीएचसी का भी औचक निरीक्षण किया।
जननी सुरक्षा योजना में घोटाले की जांच करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौधा के नेतृत्व में जांच टीम गत चार दिनों से बहराइच में डेरा डाले हुए है।
भारत सरकार के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रीय हेल्थ मिशन की तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम भी यहां पहुंची। टीम ने सबसे पहले फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
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टीम के साथ संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौधा व सीएमओ डॉ केबी जैन भी रहे। केंद्रीय टीम ने फखरपुर पीएचसी पर वित्तीय सत्र 2014-15 में हुए प्रसव व आय व्यय का ब्यौरा तलब किया।
करीब चार घंटे तक गहनता से अभिलेखों की जांच करने के बाद टीम कैसरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंच गई।
यहां जेएसवाई अभिलेख व अन्य योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की गहनता से जांच हुई है। इसके बाद टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। यह टीम केंद्र सरकार को रिपोर्ट करेगी।
सीएमओ नहीं बता पाए जांच अधिकारियों के नाम
केंद्रीय टीम फखरपुर व कैसरगंज पीएचसी का जांच कर लखनऊ रवाना हो गई। जांच के दौरान सीएमओ डॉ केबी जैन भी साथ रहे लेकिन जब उनसे जांच अधिकारियों का नाम पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। कहा कि कोई अधिकारी जांच करने आए तो उसका नाम कैसे पूछ सकते हैं।
ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि कोई भी व्यक्ति बहराइच स्वास्थ्य महकमे की जांच कर चला जाए लेकिन सीएमओ नाम व पद के बारे में अंजान बने रहेंगे। यह हाल तब है जब जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के सीएमएस के साथ एक बदमाश ने अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की थी।
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जननी सुरक्षा योजना में घोटाले की जांच करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौधा के नेतृत्व में जांच टीम गत चार दिनों से बहराइच में डेरा डाले हुए है।
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भारत सरकार के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रीय हेल्थ मिशन की तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम भी यहां पहुंची। टीम ने सबसे पहले फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
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टीम के साथ संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौधा व सीएमओ डॉ केबी जैन भी रहे। केंद्रीय टीम ने फखरपुर पीएचसी पर वित्तीय सत्र 2014-15 में हुए प्रसव व आय व्यय का ब्यौरा तलब किया।
करीब चार घंटे तक गहनता से अभिलेखों की जांच करने के बाद टीम कैसरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंच गई।
यहां जेएसवाई अभिलेख व अन्य योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की गहनता से जांच हुई है। इसके बाद टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। यह टीम केंद्र सरकार को रिपोर्ट करेगी।
सीएमओ नहीं बता पाए जांच अधिकारियों के नाम
केंद्रीय टीम फखरपुर व कैसरगंज पीएचसी का जांच कर लखनऊ रवाना हो गई। जांच के दौरान सीएमओ डॉ केबी जैन भी साथ रहे लेकिन जब उनसे जांच अधिकारियों का नाम पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। कहा कि कोई अधिकारी जांच करने आए तो उसका नाम कैसे पूछ सकते हैं।
ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि कोई भी व्यक्ति बहराइच स्वास्थ्य महकमे की जांच कर चला जाए लेकिन सीएमओ नाम व पद के बारे में अंजान बने रहेंगे। यह हाल तब है जब जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के सीएमएस के साथ एक बदमाश ने अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की थी।