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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2016 10:43 PM IST
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दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर वर्ष 2014 में पत्नी की हत्या करने वाले पति को दोषसिद्ध करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 30 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां के मुताबिक बौंडी क्षेत्र में ग्राम गोड़वा बेलवन निवासी श्यामकली ने अपनी पुत्री फूल देवी का विवाह वर्ष 2008 में हरदी में रमपुरवा गांव निवासी आनंद अवस्थी पुत्र बृजेश अवस्थी के साथ किया था। विवाह के बाद बाइक, सोने की चेन और अंगूठी की डिमांड की जा रही थी।
इसके लिए फूल देवी को ससुराल के लोग मारते-पीटते थे। श्यामकली के मुताबिक कई बार सुलह समझौता हुआ। 25 अप्रैल को फूलदेवी की हत्या किये जाने की सूचना मायके वालों को मिली। वह बेटी की ससुराल पहुंचे तो फूलकली का शव छत के कुंडे से लटका मिला। इस पर मां ने बेटी के ससुरालीजनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया।
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इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए धारा 304बी को धारा 302 में परिवर्तित कर दिया। शनिवार को केस अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के न्यायालय पर पेश हुआ।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी पति आनंद अवस्थी को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 498ए के तहत तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां के मुताबिक बौंडी क्षेत्र में ग्राम गोड़वा बेलवन निवासी श्यामकली ने अपनी पुत्री फूल देवी का विवाह वर्ष 2008 में हरदी में रमपुरवा गांव निवासी आनंद अवस्थी पुत्र बृजेश अवस्थी के साथ किया था। विवाह के बाद बाइक, सोने की चेन और अंगूठी की डिमांड की जा रही थी।
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इसके लिए फूल देवी को ससुराल के लोग मारते-पीटते थे। श्यामकली के मुताबिक कई बार सुलह समझौता हुआ। 25 अप्रैल को फूलदेवी की हत्या किये जाने की सूचना मायके वालों को मिली। वह बेटी की ससुराल पहुंचे तो फूलकली का शव छत के कुंडे से लटका मिला। इस पर मां ने बेटी के ससुरालीजनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया।
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इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए धारा 304बी को धारा 302 में परिवर्तित कर दिया। शनिवार को केस अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के न्यायालय पर पेश हुआ।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी पति आनंद अवस्थी को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 498ए के तहत तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।