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मासूम की मौत पर तीमारदारों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 10 Oct 2015 09:38 PM IST
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बहराइच। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में शनिवार की भोर एक मासूम की मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने वार्ड में तैनात मेडिकल स्टाफ पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इससे एक घंटे तक चिल्ड्रेन वार्ड में अफरातफरी रही। डॉक्टरों ने मामले की जांच व दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरहवा गांव निवासी शहाबुददीन के बेटे मो. नजीर (1.5) की तबियत कई दिनों से खराब थी। शुक्रवार को घर वाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया तो नजीर एनिमिक (खून की कमी) मिला।
नजीर को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर डॉ. वर्मा ने तीमारदारों से खून का इंतजाम करने को कहा। शाम में उसे खून चढ़ाया गया। आरोप है कि रात में अचानक नजीर की हालत बिगड़ने लगी। इस पर वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स पूनम को बुलाया गया लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसी बीच शनिवार तड़के नजीर ने दम तोड़ दिया।
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बच्चे की मौत पर तीमारदारों ने नर्स पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक खूब वार्ड में अफरातफरी रही। शोर सुनकर इमरजेंसी में तैनात सभी डॉक्टर चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे। डॉक्टरों ने गुस्साए तीमारादारों को दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
गंभीर हालत में था रोगी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ माहेश्वरी पांडेय का कहना है कि नजीर एनिमिक था। उसकी हालत गंभीर थी। खून भी चढ़ाया गया। डॉक्टर ने काफी प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। तीमारदारों की तरफ से कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। यदि कोई शिकायत होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरहवा गांव निवासी शहाबुददीन के बेटे मो. नजीर (1.5) की तबियत कई दिनों से खराब थी। शुक्रवार को घर वाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया तो नजीर एनिमिक (खून की कमी) मिला।
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नजीर को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर डॉ. वर्मा ने तीमारदारों से खून का इंतजाम करने को कहा। शाम में उसे खून चढ़ाया गया। आरोप है कि रात में अचानक नजीर की हालत बिगड़ने लगी। इस पर वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स पूनम को बुलाया गया लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसी बीच शनिवार तड़के नजीर ने दम तोड़ दिया।
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बच्चे की मौत पर तीमारदारों ने नर्स पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक खूब वार्ड में अफरातफरी रही। शोर सुनकर इमरजेंसी में तैनात सभी डॉक्टर चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे। डॉक्टरों ने गुस्साए तीमारादारों को दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
गंभीर हालत में था रोगी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ माहेश्वरी पांडेय का कहना है कि नजीर एनिमिक था। उसकी हालत गंभीर थी। खून भी चढ़ाया गया। डॉक्टर ने काफी प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। तीमारदारों की तरफ से कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। यदि कोई शिकायत होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।