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55 मकान नदी में डूबे

अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 23 Jul 2016 10:18 PM IST
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घाघरा में कटान तेज
घाघरा में कटान तेज - फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का जलस्तर में कम होने के साथ कटान तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार से रात से महसी तथा कैसरगंज क्षेत्र में नदी के लहरों ने चार गांवों के 55 मकान समा गए। 220 बीघा खेत पानी में डूब गए।
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अचानक कटान तेज होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों में हड़कंप की स्थिति है। उधर अभी भी दोनों तहसील क्षेत्रों के 24 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राहत व बचाव कार्य नाकाफी दिख रहे हैं। 
तराई में दो दिन से बारिश थमी है। इसके चलते घाघरा नदी के जलस्तर में भी कमी आने लगी है। शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.416 मीटर मापा गया। हालांकि अभी भी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
जलस्तर में तेजी से कमी के चलते घाघरा की लहरों से कटान अचानक तेज हो गई है। कायमपुर निवासी सांवली, छंगा, रामकुमार, फुलेराज, मालिक प्रसाद, मालती प्रसाद, गोलागंज निवासी मूलचंद, गंगाराम, परिक्रमा, पुत्तीलाल, गोड़ियनपुरवा निवासी रामदीन, जगदीश व कैसरगंज के गोड़हिया निवासी ग्रामीणों के घर कटान में समा गए।

शुक्रवार रात से 55 आशियाने नदी की भेंट चढ़ चुके हैं। कृषि भूमि में भी कटान तेजी से हो रही है। महसी तथा कैसरगंज इलाके में शनिवार दोपहर तक 220 बीघा खेत घाघरा नदी में समाहित हो चुके थे। इन इलाकों में राहत व बचाव कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

कटान तेज होने से ग्रामीण काफी दहशत में हैं। वे अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। सूचना के बावजूद कटान निरोधक उपाय नहीं किये गये हैं। इसके चलते अपनी आंखों के सामने ग्रामीण अपने आशियाने को नदी में समाहित होते देखने को मजबूर हैं। 
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