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सजा
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:46 PM IST
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दहेज हत्या व लाश गायब वाले पति को 10 वर्ष का सश्रम कारावास
बहराइच। दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर लाश गायब करने के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नंदप्रताप ओझा के सुनवाई करते हुए आरोपी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और विभिन्न मामलों में 17 हजार रुपये से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी कचेहरी के डीजीसी क्रिमनल संतप्रताप सिंह ने बताया कि रामगांव थाना क्षेत्र में झिंगहा जमापुर गांव निवासी भागदेई पत्नी छंगा ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था कि उसने अपनी पुत्री रामावती का विवाह वर्ष 2006 के आसपास गांव निवासी कंधई लाल के साथ किया था। शादी के बाद गौना भी दिया। लेकिन गौने में दामाद बाइक और 40 हजार रुपये नकदी की डिमांड कर रहा था। उसे मायके के लोग नहीं दे पाए। जिसके चलते ससुराल के लोग रामावती को प्रताड़ित करने लगे। न्यायालय के आदेश पर रामगांव पुलिस ने केस दर्ज किया। इस मामले की सुनवाई सोमवार को दीवानी कचेहरी के अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नंदप्रताप ओझा के न्यायालय पर हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी पति को दोषसिद्ध करार देते हुए दहेज उत्पीड़न, शव गायब करने आदि के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व अलग-अलग मामलों में 17 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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बहराइच। दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर लाश गायब करने के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नंदप्रताप ओझा के सुनवाई करते हुए आरोपी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और विभिन्न मामलों में 17 हजार रुपये से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी कचेहरी के डीजीसी क्रिमनल संतप्रताप सिंह ने बताया कि रामगांव थाना क्षेत्र में झिंगहा जमापुर गांव निवासी भागदेई पत्नी छंगा ने न्यायालय पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था कि उसने अपनी पुत्री रामावती का विवाह वर्ष 2006 के आसपास गांव निवासी कंधई लाल के साथ किया था। शादी के बाद गौना भी दिया। लेकिन गौने में दामाद बाइक और 40 हजार रुपये नकदी की डिमांड कर रहा था। उसे मायके के लोग नहीं दे पाए। जिसके चलते ससुराल के लोग रामावती को प्रताड़ित करने लगे। न्यायालय के आदेश पर रामगांव पुलिस ने केस दर्ज किया। इस मामले की सुनवाई सोमवार को दीवानी कचेहरी के अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नंदप्रताप ओझा के न्यायालय पर हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी पति को दोषसिद्ध करार देते हुए दहेज उत्पीड़न, शव गायब करने आदि के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व अलग-अलग मामलों में 17 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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