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पाताल चूही नाले में स्नान करने उतरा एसएसबी जवान डूबा, मौत
Updated Fri, 23 Jun 2017 05:03 AM IST
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नाले में डूबा एसएसबी जवान
नाले में नहाने गया था, देर रात खोजबीन के दौरान मिला शव
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का निवासी था जवान कुलदीप सिंह
बिछिया (बहराइच)। एसएसबी 59वीं बटालियन का जवान बुधवार देर शाम गश्त खत्म करने के बाद पाताल चूही नाले में नहाने गया, लेकिन वापस एसएसबी शिविर में नहीं लौटा। इस पर देर रात एसएसबी जवानों ने खोजबीन शुरू की तो उसका शव घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुआ। मृतक जवान उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का निवासी बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके गृह जनपद भेज दिया गया है।
एसएसबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात है। एसएसबी की 59वीं बटालियन कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में सीमा की सुरक्षा संभाले हुए है। बुधवार शाम 59वीं बटालियन के हवलदार पद पर कार्यरत कुलदीप सिंह (37) पुत्र गोविंद सिंह निवासी ग्राम पैंज रुद्रप्रयाग उत्तराखंड अन्य जवानों के साथ ड्यूटी कर रहे थे। देर शाम करीब आठ बजे ड्यूटी खत्म हुई तो वह चिपचिपाहट भरी गर्मी से निजात पाने के लिए एसएसबी शिविर से कुछ दूरी पर बह रहे पाताल चूही नाले में नहाने के लिए चले गए। देर रात तक शिविर में नहीं लौटे, तब साथी जवानों को चिंता हुई। खोजबीन शुरू की गई तो नाले के तट पर कुलदीप के कपड़े व चप्पल मिली। इसकी सूचना जवानों ने एसआई राजेश सिंह को दी। एसआई के निर्देश पर स्टीमर के द्वारा नाले को खंगाला गया। घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर कुलदीप का शव उतराता हुआ मिला। इससे एसएसबी जवानों में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर रात में ही एसएसबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुजौली थानाध्यक्ष अशरफ परवेज ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को जवान के गृह जनपद रुद्रप्रयाग भेज दिया गया। एसएसबी के डीआईजी एसके शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पिलर संख्या 98 से 95 के बीच सुजौली थाना क्षेत्र में है।
इंसेट
वर्ष 2002 में भर्ती हुआ था कुलदीप
एसएसबी के डीआईजी एसके शर्मा ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ एसएसबी हवलदार कुलदीप वर्ष 2002 में एसएसबी में भर्ती हुआ था। वह उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले का मूल निवासी है। शव को सुरक्षा के बीच उसके पैतृक गांव रवाना किया गया है।
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नाले में नहाने गया था, देर रात खोजबीन के दौरान मिला शव
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का निवासी था जवान कुलदीप सिंह
बिछिया (बहराइच)। एसएसबी 59वीं बटालियन का जवान बुधवार देर शाम गश्त खत्म करने के बाद पाताल चूही नाले में नहाने गया, लेकिन वापस एसएसबी शिविर में नहीं लौटा। इस पर देर रात एसएसबी जवानों ने खोजबीन शुरू की तो उसका शव घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुआ। मृतक जवान उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का निवासी बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके गृह जनपद भेज दिया गया है।
एसएसबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात है। एसएसबी की 59वीं बटालियन कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में सीमा की सुरक्षा संभाले हुए है। बुधवार शाम 59वीं बटालियन के हवलदार पद पर कार्यरत कुलदीप सिंह (37) पुत्र गोविंद सिंह निवासी ग्राम पैंज रुद्रप्रयाग उत्तराखंड अन्य जवानों के साथ ड्यूटी कर रहे थे। देर शाम करीब आठ बजे ड्यूटी खत्म हुई तो वह चिपचिपाहट भरी गर्मी से निजात पाने के लिए एसएसबी शिविर से कुछ दूरी पर बह रहे पाताल चूही नाले में नहाने के लिए चले गए। देर रात तक शिविर में नहीं लौटे, तब साथी जवानों को चिंता हुई। खोजबीन शुरू की गई तो नाले के तट पर कुलदीप के कपड़े व चप्पल मिली। इसकी सूचना जवानों ने एसआई राजेश सिंह को दी। एसआई के निर्देश पर स्टीमर के द्वारा नाले को खंगाला गया। घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर कुलदीप का शव उतराता हुआ मिला। इससे एसएसबी जवानों में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर रात में ही एसएसबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुजौली थानाध्यक्ष अशरफ परवेज ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को जवान के गृह जनपद रुद्रप्रयाग भेज दिया गया। एसएसबी के डीआईजी एसके शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पिलर संख्या 98 से 95 के बीच सुजौली थाना क्षेत्र में है।
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वर्ष 2002 में भर्ती हुआ था कुलदीप
एसएसबी के डीआईजी एसके शर्मा ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ एसएसबी हवलदार कुलदीप वर्ष 2002 में एसएसबी में भर्ती हुआ था। वह उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले का मूल निवासी है। शव को सुरक्षा के बीच उसके पैतृक गांव रवाना किया गया है।
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