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कैश के अभाव में बंद रहे बैंक, नारेबाजी व प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 09:56 PM IST
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धरना प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की बैंकों और एटीएम में कैश की कमी के चलते नोट बदलने व निकालने वाले ग्राहकों की दिक्कतें कम नहीं हो पा रही हैं। बैंक अधिकारियों के दावे लगातार हवाई साबित हो रहे हैं। शनिवार को विशेश्वरगंज क्षेत्र की पुरैना शाखा 11 बजे तक नहीं खुली तो सुबह सात बजे से लाइन में खड़े लोग भड़क उठे।
उन्होंने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू किया तो बैंक प्रबंधक ने अपनी मजबूरी बताई। कहा कि कैश नहीं होने के चलते बैंक बंद है। हरदी कीइलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक समेत कई शाखाएं कैश की कमी के चलते बंद रहीं। दूसरी कई बैंक शाखाओं में करेंसी कम पड़ने से लोग परेशान हुए। इसके चलते कई स्थानों पर झड़पें हुई। पुलिस की मदद से बैंक कर्मियों ने स्थिति संभाली।
पांच सौ और हजार के नोट बंदी के 10 दिन बाद भी जिले में बैंकों व एटीएम की व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई। है। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत बैंकों में कैश की कमी से हो रही है। बैंक अधिकारियों के दावे हवाई साबित हो रही है। कैश के लिए शनिवार सुबह सात बजे से विशेश्वरगंज में पुरैना स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा पर लोगों की लाइन लगी थी।
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इंतजार करत 11 बज गए लेकिन बैंक का ताला नहीं खुला। इस पर लाइन में लगे लोग भड़क उठे। उन्होंने नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर बाद बैंक प्रबंधक दिनेश सिंह पहुंचे तो उन्होंने कैश नहीं होने की मजबूरी बताई। बताया कि 17 नवंबर को दो लाख रुपये मिला था। उसे 18 तक बांटा। अब तिजोरी खाली है। ऐसे में बैंक क्या खोलें।
इस पर लोगों ने और हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। लोग निराश होकर लौट गए। यही हाल इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक हरदी शाखा का रहा। यह शाखा भी कैश के अभाव में पूरे दिन बंद रही।
मिहींपुरवा, रुपईडीहा, नानपारा, नवाबगंज, रिसिया, शिवपुर, बलहा, महसी, फखरपुर, कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, पयागपुर, चिलवरिया के बैंकों में भी करेंसी की कमी के चलते ग्राहक निराश हुए। इसके चलते कई जगह लोग नाराज हुए।
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उन्होंने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू किया तो बैंक प्रबंधक ने अपनी मजबूरी बताई। कहा कि कैश नहीं होने के चलते बैंक बंद है। हरदी कीइलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक समेत कई शाखाएं कैश की कमी के चलते बंद रहीं। दूसरी कई बैंक शाखाओं में करेंसी कम पड़ने से लोग परेशान हुए। इसके चलते कई स्थानों पर झड़पें हुई। पुलिस की मदद से बैंक कर्मियों ने स्थिति संभाली।
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पांच सौ और हजार के नोट बंदी के 10 दिन बाद भी जिले में बैंकों व एटीएम की व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई। है। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत बैंकों में कैश की कमी से हो रही है। बैंक अधिकारियों के दावे हवाई साबित हो रही है। कैश के लिए शनिवार सुबह सात बजे से विशेश्वरगंज में पुरैना स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा पर लोगों की लाइन लगी थी।
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इंतजार करत 11 बज गए लेकिन बैंक का ताला नहीं खुला। इस पर लाइन में लगे लोग भड़क उठे। उन्होंने नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर बाद बैंक प्रबंधक दिनेश सिंह पहुंचे तो उन्होंने कैश नहीं होने की मजबूरी बताई। बताया कि 17 नवंबर को दो लाख रुपये मिला था। उसे 18 तक बांटा। अब तिजोरी खाली है। ऐसे में बैंक क्या खोलें।
इस पर लोगों ने और हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। लोग निराश होकर लौट गए। यही हाल इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक हरदी शाखा का रहा। यह शाखा भी कैश के अभाव में पूरे दिन बंद रही।
मिहींपुरवा, रुपईडीहा, नानपारा, नवाबगंज, रिसिया, शिवपुर, बलहा, महसी, फखरपुर, कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, पयागपुर, चिलवरिया के बैंकों में भी करेंसी की कमी के चलते ग्राहक निराश हुए। इसके चलते कई जगह लोग नाराज हुए।