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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bank returned grant cheques of 1500 farmers

बैंकों ने लौटाए डेढ़ हजार किसानों के अनुदान चेक

Mon, 25 Apr 2016 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 25 Apr 2016 09:53 PM IST
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बहराइच। विपरीत मौसम में पाई-पाई जोड़कर किसानों ने किसान पारदर्शी योजना के तहत संकर धान व गेहूं के बीज की खरीदारी की। लेकिन, जब उन्हें अनुदान मिलने का वक्त आया तो इन ऑपरेटिव अकाउंट इस राह में रोड़ा बन गए।
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छह माह से अधिक का समय बीत गया और किसानों ने अपने बैंक खाते से कोई लेन-देन नहीं किया है। बैंकोें ने अनुदान के डेढ़ हजार चेक कृषि विभाग को वापस कर दिए हैं। इससे 20 लाख रुपया विभाग में डंप हो गया है। हालांकि, विभाग का कहना है कि गलतियां दूर कर किसानों को उनका हक दिलाया जाएगा। 
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खाद, बीज, कृषि यंत्र, कृषि रक्षा रसायनों की खरीद पर सब्सिडी पाने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सत्र 2014-15 में शुरू की गई किसान पारदर्शी योजना में जिले के 76 हजार 990 किसानों ने डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत अपना पंजीकरण कराया।
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रबी व खरीफ सीजन में सरकारी, अर्द्धसरकारी व सहकारी संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों से संकर धान व गेहूं के प्रमाणित बीजों की खरीद सिर्फ छह हजार किसानों ने की। सरकार ने प्रति क्विंटल बीज पर करीब 14 सौ रुपये की सब्सिडी घोषित कर रखी थी लेकिन खरीद के समय किसानों को एकमुश्त पैसा चुकाना पड़ा।

अब लाभार्थी किसानों के खातों में सब्सिडी का पैसा विभाग द्वारा चेक से भेजा जा रहा है। साढ़े चार हजार किसानों के खातों में करीब 50 लाख रुपये हस्तांरित हो चुका है लेकिन डेढ़ हजार किसान ऐसे हैं, जिनका चेक लेने से बैंकों ने इन्कार कर दिया है।

इसके चलते करीब 20 लाख रुपया कृषि विभाग को वापस हुआ है। यह समस्या विभाग के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। विभागीय कर्मचारी अब नए सिरे से किसानों का बैंक एकाउंट लेकर चेक जारी करने का कार्य कर रहे हैं।

इन ऑपरेटिव हो चुके हैं बैंक खाते

इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सीनियर मैनेजर एडवांस केपी शुक्ला ने बताया कि कुछ किसानों के खाते इन ऑपरेटिव हो चुके हैं, जिस कारण चेक क्लीयर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों को खाता ऑपरेट करना होगा और वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक पहचान पत्र भी जमा करना होगा। तभी खाते का संचालन होगा और चेक क्लीयर होगा।

एक्सपायर हो रहे चेक

उप निदेशक कृषि एके सागर ने कहा कि करीब डेढ़ हजार चेक वापस हुए हैं। सबसे अधिक करीब छह सौ चेक इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से लौटे हैं। चेकों की वैद्यता सिर्फ तीन माह की होती है। ऐसे में कई चेक एक्सपायर भी हो चुके हैं। अब उन्हें नए सिरे से बनाया जा रहा है। जल्द ही किसानों से संपर्क कर समस्या का निवारण कर लेंगे।

लोकवाणी केंद्रों से हुई सबसे अधिक गलतियां

विभाग ने इस मामले की छानबीन की तो पता चला कि सबसे अधिक त्रुटियां लोकवाणी केंद्रों की सामने आई हैं। यहां जिन किसानों ने अपना पंजीकरण कराया, उनके तथ्यों में डाटा इंट्री ऑपरेटरों ने गलती कर दी। आईएफएससी कोड को भी गलत फीड किया गया है। 

ये है योजना

बीज, दवा, कृषि यंत्र की खरीद पर सब्सिडी का लाभ प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने सत्र 2014-15 में किसानों के लिए किसान पारदर्शी योजना की शुरुआत की। स्पष्ट किया गया कि सब्सिडी का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अपना पंजीकरण योजना में कराया है। ये सब्सिडी किसानों के खाते में सीधे जाएगी। पंजीकरण न कराने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।


ऐसे कराएं पंजीकरण
टोल फ्री नंबर 18002001050 पर मिस्ड कॉल देकर किसान पंजीकरण करा सकते हैं। पारदर्शी योजना की वेबसाइट के जरिए भी पंजीकरण कराया जा सकता है। पंजीकरण के सात दिन के अंदर आवेदन पत्र संबंधित ब्लॉक के राजकीय कृषि बीज भंडार, उप संभागीय कृषि प्रभार अधिकारी या फिर उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा करना होगा।
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