{"_id":"63543e43e56aa86a5653066b","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6540880142","type":"story","status":"publish","title_hn":"तानाशाही का आरोप, चीनी मिल के गेट पर जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तानाशाही का आरोप, चीनी मिल के गेट पर जड़ा ताला
विज्ञापन
नानपारा(बहराइच)। श्रावस्ती किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा के जीएम पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए मिल कर्मी शनिवार को हड़ताल पर चले गए। कर्मियों ने मिल गेट पर ताला डाल दिया और जीएम के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। मिल के दैनिक, आउटसोर्सिंग व स्थायी कर्मचारियों का आरोप है कि जीएम ने उनके पीएफ पर मिलने वाले ब्याज में कटौती कर दी है। यही नहीं सालों से दीपावली पर हो रहे अवकाश को भी कम कर दिया। साथ ही जूता-वर्दी आदि के लिए मिलने वाला पैसा भी नहीं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी तक तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
श्रावस्ती सहाकारी चीनी मिल नानपारा के जीएम शेर बहादुर सिंह यादव पर तानाशाही और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते शनिवार की सुबह मिल कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने सुबह लगभग साढ़े आठ बजे मिल गेट बंद कर जीएम के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दाम नहीं तो काम नहीं का नारा बुलंद किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बलजीत सिंह, प्रदीप मिश्रा, घनश्याम सिंह, हीरालाल यादव, विजय सिंह आदि ने बताया कि बीते 35 सालों से कर्मचारियों को पर्व पर अवकाश मिल रहा है।
यही नहीं पीएफ का ब्याज जो केंद्र द्वारा 8.10 प्रतिशत निर्धारित है उसके सापेक्ष मात्र 6.52 प्रतिशत देने की बात कह रहे हैं। इससे कर्मचारियों को साल में 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए ट्रस्टी घनश्याम मिश्रा को निलंबित कर दिया गया और असलम उल्ला खां का वेतन रोक दिया गया है। बताते चलें कि इस समय मरम्मत का कार्य चल रहा है जिसमें 250 दैनिक वेतन भोगी, 42 स्थायी व 30 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं जो शनिवार से हड़ताल पर चले गए।
विज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रधान प्रबंधक ने मुख्य प्रबंधक, मुख्य गन्ना अधिकारी और चीफ केमिस्ट अधिकारी के पद पर आउटसोर्सिंग से अपने चहेते अधिकारियों को नियुक्त कर लिया है। नियम के अनुसार इस पर अस्थायी अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। यही नहीं काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाकर उनके स्थान पर अधिक वेतन पर चहेतों को रख लिया है।
मामले में सांसद बहराइच अक्षयवर लाल गोंड ने गन्ना मंत्री से बात की। सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने बताया कि मंत्री को कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत करा दिया गया है। गन्ना मंत्री ने आश्वासन दिया है, कि किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होने दिया जाएगा और जीएम से बात कर समस्या निस्तारण व प्रदर्शन समाप्त करवाया जाएगा।
शासन द्वारा दी जाने वाली छुट्टियों में कटौती नहीं की गयी है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्दी-जूता उनके मानक के अनुुसार दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने बिना बताए हड़ताल की है जो उचित नहीं है। उनके मुखिया को आकर बात करनी चाहिए। शीघ्र समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
- शेर बहादुर सिंह यादव, प्रधान प्रबंधक, चीनी मिल
विज्ञापन
श्रावस्ती सहाकारी चीनी मिल नानपारा के जीएम शेर बहादुर सिंह यादव पर तानाशाही और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते शनिवार की सुबह मिल कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने सुबह लगभग साढ़े आठ बजे मिल गेट बंद कर जीएम के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दाम नहीं तो काम नहीं का नारा बुलंद किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बलजीत सिंह, प्रदीप मिश्रा, घनश्याम सिंह, हीरालाल यादव, विजय सिंह आदि ने बताया कि बीते 35 सालों से कर्मचारियों को पर्व पर अवकाश मिल रहा है।
विज्ञापन
यही नहीं पीएफ का ब्याज जो केंद्र द्वारा 8.10 प्रतिशत निर्धारित है उसके सापेक्ष मात्र 6.52 प्रतिशत देने की बात कह रहे हैं। इससे कर्मचारियों को साल में 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए ट्रस्टी घनश्याम मिश्रा को निलंबित कर दिया गया और असलम उल्ला खां का वेतन रोक दिया गया है। बताते चलें कि इस समय मरम्मत का कार्य चल रहा है जिसमें 250 दैनिक वेतन भोगी, 42 स्थायी व 30 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं जो शनिवार से हड़ताल पर चले गए।
विज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रधान प्रबंधक ने मुख्य प्रबंधक, मुख्य गन्ना अधिकारी और चीफ केमिस्ट अधिकारी के पद पर आउटसोर्सिंग से अपने चहेते अधिकारियों को नियुक्त कर लिया है। नियम के अनुसार इस पर अस्थायी अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। यही नहीं काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाकर उनके स्थान पर अधिक वेतन पर चहेतों को रख लिया है।
मामले में सांसद बहराइच अक्षयवर लाल गोंड ने गन्ना मंत्री से बात की। सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने बताया कि मंत्री को कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत करा दिया गया है। गन्ना मंत्री ने आश्वासन दिया है, कि किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होने दिया जाएगा और जीएम से बात कर समस्या निस्तारण व प्रदर्शन समाप्त करवाया जाएगा।
शासन द्वारा दी जाने वाली छुट्टियों में कटौती नहीं की गयी है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्दी-जूता उनके मानक के अनुुसार दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने बिना बताए हड़ताल की है जो उचित नहीं है। उनके मुखिया को आकर बात करनी चाहिए। शीघ्र समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
- शेर बहादुर सिंह यादव, प्रधान प्रबंधक, चीनी मिल