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155 अवैध मदरसे मिले, पांच सौ तक पहुंच सकती संख्या
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बहराइच। जिले में अब तक 155 अवैध मदरसे सामने आ चुके हैं। बाढ़ की वजह से तमाम इलाकों में सर्वे नहीं हो पाया है। ऐसे में इन इलाकों में सर्वे होने पर यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। नाम न छापने की शर्त पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अफसर ने बताया कि जिले में अवैध मदरसों की संख्या काफी ज्यादा है। बाढ़ की वजह से सीमा क्षेत्र सहित कई जगह सर्वे नहीं हो पाया है। यहां सर्वे हुआ तो अवैध मदरसों की संख्या पांच सौ तक पहुंच सकती है।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मदरसों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। ज्यादातर जिलों में सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट भी शासन को सौंपी जा चुकी है, लेकिन बहराइच मेें बाढ़ का प्रकोप होने के चलते अभी सर्वे का काम अधूरा है। यहां पंजीकृत मदरसों की संख्या 302 है। वहीं, अब तक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जो सर्वे किया है उसमें 155 मदरसे बिना पंजीकरण चलते मिले हैं। अभी उस क्षेत्र में सर्वे नहीं हो सका है जहां सबसे ज्यादा मदरसे संचालित हैं। ऐसे में सर्वे पूरा होने के बाद अवैध मदरसों की संख्या पांच सौ तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, बिना पंजीकरण चलते मिले मदरसों के संचालकों को नोटिस भेजी गई है। पता लगाया जा रहा है कि इनको फंडिंग कहां हो रही है। बाद में कार्रवाई भी की जा सकती है। संवाद
नाम न छापने की शर्त पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में नेपाल सीमा के आसपास ही डेढ़ सौ से अधिक अवैध मदरसे संचालित हैं। इनमें नेपाल से लेकर अन्य कई जगहों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कई मदरसों में विदेश फंडिंग की बात भी उजागर हो चुकी है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद ही ठोस कार्रवाई करने की बात अफसर कह रहे हैं।
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अभी तक हुए सर्वे में जिले में 155 मदरसे अवैध रूप से संचालित होते मिले है। जिले में तमाम और मदरसे भी हैं जो बिना पंजीकरण चल रहे हैं। बाढ़ के चलते सर्वे पूरा नहीं हो सका है। सर्वे पूरा होने के बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी।
- संजय मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मदरसों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। ज्यादातर जिलों में सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट भी शासन को सौंपी जा चुकी है, लेकिन बहराइच मेें बाढ़ का प्रकोप होने के चलते अभी सर्वे का काम अधूरा है। यहां पंजीकृत मदरसों की संख्या 302 है। वहीं, अब तक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जो सर्वे किया है उसमें 155 मदरसे बिना पंजीकरण चलते मिले हैं। अभी उस क्षेत्र में सर्वे नहीं हो सका है जहां सबसे ज्यादा मदरसे संचालित हैं। ऐसे में सर्वे पूरा होने के बाद अवैध मदरसों की संख्या पांच सौ तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, बिना पंजीकरण चलते मिले मदरसों के संचालकों को नोटिस भेजी गई है। पता लगाया जा रहा है कि इनको फंडिंग कहां हो रही है। बाद में कार्रवाई भी की जा सकती है। संवाद
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नाम न छापने की शर्त पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में नेपाल सीमा के आसपास ही डेढ़ सौ से अधिक अवैध मदरसे संचालित हैं। इनमें नेपाल से लेकर अन्य कई जगहों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कई मदरसों में विदेश फंडिंग की बात भी उजागर हो चुकी है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद ही ठोस कार्रवाई करने की बात अफसर कह रहे हैं।
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अभी तक हुए सर्वे में जिले में 155 मदरसे अवैध रूप से संचालित होते मिले है। जिले में तमाम और मदरसे भी हैं जो बिना पंजीकरण चल रहे हैं। बाढ़ के चलते सर्वे पूरा नहीं हो सका है। सर्वे पूरा होने के बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी।
- संजय मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी