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कोर्ट की जमीन पर हो रहा अवैध निर्माण रुकवाया
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बहराइच। लखनऊ-बहराइच हाईवे पर जिला न्यायालय भवन निर्माण के लिए निर्धारित जमीन पर हो रही प्लाटिंग को जिला प्रशासन ने अवैध माना है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने इस भूमि पर हो रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया है। साथ ही इस भूमि से जुड़े दोनों थानों के एसएचओ को भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अफसरों ने बताया कि नक्शा तो दूर बिल्डरों ने किसी भी विभाग से एनओसी तक नहीं ली थी। इसी वजह से बहराइच सदर व महसी के तहसीलदार को भी अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बता दें कि यह जमीन दोनों तहसील क्षेत्रों में पड़ती है। अफसरों ने बताया कि अवैध निर्माण ध्वस्त करने की तैयारी भी की जा रही है।
लखनऊ-बहराइच हाईवे पर स्थित इस जमीन के एक हिस्से पर जिला न्यायालय का भवन बनाया जाना प्रस्तावित है। अभी अधिग्रहण की प्रक्रिया चल ही रही थी कि बिल्डरों पर इसी जमीन पर प्लॉटिंग और निर्माण करने के आरोप लग गये। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने रामगांव और देहात कोतवाली के एसएचओ को निर्देश दिया है कि तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। यही निर्देश दोनों तहसीलों के तहसीलदारों को भी दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति राय ने बताया कि आरबीओ की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
इसके बाद ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब फाइलों का अवलोकन किया गया तो विनियमित क्षेत्र से नक्शा भी पास नहीं पाया गया। यही नहीं तहसील से भी किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली गई है। बिना तहसील की एनओसी के नक्शा पास नहीं हो सकता। रेरा से अनुमोदित होने का मतलब यह नहीं है कि बिना नक्शा पास कराए प्लॉटिंग या निर्माण शुरू कर दिया जाए।
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बताते चलें कि इस जमीन का क्षेत्रफल 35 हेक्टेयर है। शासन के निर्देश पर 14.493 हेक्टेयर जमीन जिला न्यायालय बनाने के लिए अधिग्रहीत की जानी थी। प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी। कुछ औपचारिकताएं शेष रह गईं थीं। इसी बीच बिल्डरों ने समझौते को नजरअंदाज करते हुए प्लॉटिंग और निर्माण कार्य शुरू करा दिया। महसी के तहसीलदार विपुल सिंह ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को प्रकरण से अवगत कराया जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से शुरू की कार्रवाई के बाद शहर में अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच है। जिला प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। यही नहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने शहरभर में हो रही अवैध प्लॉटिंग की जांच की तैयारी भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
पूरे प्रकरण में जेई की लापरवाही सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। चर्चा है कि कार्रवाई की तलवार लटकती देख जेई राजधानी में एक बड़े साहब के दरबार में पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि तथ्यगत लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्रवाई तय है।
सिटी मजिस्ट्रेट की जांच और साझा की गई तस्वीरों को देखकर लगता है कि यहां पर बड़े-बड़े कांप्लेक्स बनने जा रहे थे। इसके अलावा कई भवनों का निर्माण भी शुरू हो गया था। प्रशासन ने सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगाते हुए ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी है।
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लखनऊ-बहराइच हाईवे पर स्थित इस जमीन के एक हिस्से पर जिला न्यायालय का भवन बनाया जाना प्रस्तावित है। अभी अधिग्रहण की प्रक्रिया चल ही रही थी कि बिल्डरों पर इसी जमीन पर प्लॉटिंग और निर्माण करने के आरोप लग गये। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने रामगांव और देहात कोतवाली के एसएचओ को निर्देश दिया है कि तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। यही निर्देश दोनों तहसीलों के तहसीलदारों को भी दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति राय ने बताया कि आरबीओ की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
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इसके बाद ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब फाइलों का अवलोकन किया गया तो विनियमित क्षेत्र से नक्शा भी पास नहीं पाया गया। यही नहीं तहसील से भी किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली गई है। बिना तहसील की एनओसी के नक्शा पास नहीं हो सकता। रेरा से अनुमोदित होने का मतलब यह नहीं है कि बिना नक्शा पास कराए प्लॉटिंग या निर्माण शुरू कर दिया जाए।
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बताते चलें कि इस जमीन का क्षेत्रफल 35 हेक्टेयर है। शासन के निर्देश पर 14.493 हेक्टेयर जमीन जिला न्यायालय बनाने के लिए अधिग्रहीत की जानी थी। प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी। कुछ औपचारिकताएं शेष रह गईं थीं। इसी बीच बिल्डरों ने समझौते को नजरअंदाज करते हुए प्लॉटिंग और निर्माण कार्य शुरू करा दिया। महसी के तहसीलदार विपुल सिंह ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को प्रकरण से अवगत कराया जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से शुरू की कार्रवाई के बाद शहर में अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच है। जिला प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। यही नहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने शहरभर में हो रही अवैध प्लॉटिंग की जांच की तैयारी भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
पूरे प्रकरण में जेई की लापरवाही सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। चर्चा है कि कार्रवाई की तलवार लटकती देख जेई राजधानी में एक बड़े साहब के दरबार में पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि तथ्यगत लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्रवाई तय है।
सिटी मजिस्ट्रेट की जांच और साझा की गई तस्वीरों को देखकर लगता है कि यहां पर बड़े-बड़े कांप्लेक्स बनने जा रहे थे। इसके अलावा कई भवनों का निर्माण भी शुरू हो गया था। प्रशासन ने सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगाते हुए ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी है।