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नोटिस जारी करने तक सिमटा जांच अभियान
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बहराइच। अधोमानक वाहनों से बच्चों को स्कूल से घर व घर से स्कूल लाने-ले जाने का क्रम बेरोकटोक जारी है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेने के बाद विद्यालय संचालकों के साथ बैठक कर इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में राज्य सरकार भी विद्यालय के वाहनों की जांच का आदेश दे चुकी है। एआरटीओ विभाग की ओर से जांच अभियान चलाया भी गया, लेकिन यह महज विद्यालय संचालकों को नोटिस जारी करने तक ही सीमित रहा। इससे अधोमानक वाहनों का संचालन लगातार जारी है।
प्रतिदिन नगर क्षेत्र समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों को अधोमानक वाहनों से ढोया जा रहा है। इससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। किसी वाहन में सीट के स्थान पर लकड़ी की बेंच लगाकर बच्चों को बिठाया जा रहा है तो किसी वाहन में खिड़की के बाहर लोहे की ग्रिल नहीं लगी है। इससे छोटे-छोटे बच्चे अक्सर खिड़की से सिर निकालकर झांकते नजर आते हैं। अधोमानक वाहनों की जांच का अभियान 29 अप्रैल तक पूर्ण किया जाना था। एआरटीओ ने कुछ चुनिंदा विद्यालयों को नोटिस जारी कर इसे पूरा कर लिया।
एआरटीओ कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों के 401 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बस, मिनी बस, वैन आदि शामिल हैं। वहीं, प्रतिदिन संचालित होने वाले वाहनों की वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक है। विद्यालयों के साथ ही विभिन्न विद्यालयों में निजी संचालक भी वाहनों का संचालन कर रहे हैं। इनमें तमाम वाहन अधोमानक हैं।
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वैसे स्कूली वाहनों की जांच का अभियान 29 अप्रैल तक ही था, लेकिन आगे भी इसे जारी रखा जाएगा। अधोमानक वाहन संचालित नहीं होने दिए जाएंगे।
- ओपी सिंह, एआरटीओ, प्रवर्तन।
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प्रतिदिन नगर क्षेत्र समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों को अधोमानक वाहनों से ढोया जा रहा है। इससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। किसी वाहन में सीट के स्थान पर लकड़ी की बेंच लगाकर बच्चों को बिठाया जा रहा है तो किसी वाहन में खिड़की के बाहर लोहे की ग्रिल नहीं लगी है। इससे छोटे-छोटे बच्चे अक्सर खिड़की से सिर निकालकर झांकते नजर आते हैं। अधोमानक वाहनों की जांच का अभियान 29 अप्रैल तक पूर्ण किया जाना था। एआरटीओ ने कुछ चुनिंदा विद्यालयों को नोटिस जारी कर इसे पूरा कर लिया।
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एआरटीओ कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों के 401 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बस, मिनी बस, वैन आदि शामिल हैं। वहीं, प्रतिदिन संचालित होने वाले वाहनों की वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक है। विद्यालयों के साथ ही विभिन्न विद्यालयों में निजी संचालक भी वाहनों का संचालन कर रहे हैं। इनमें तमाम वाहन अधोमानक हैं।
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वैसे स्कूली वाहनों की जांच का अभियान 29 अप्रैल तक ही था, लेकिन आगे भी इसे जारी रखा जाएगा। अधोमानक वाहन संचालित नहीं होने दिए जाएंगे।
- ओपी सिंह, एआरटीओ, प्रवर्तन।