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विकास में अनियमितता पर तीन वीडीओ निलंबित
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बहराइच। महसी विकास खंड क्षेत्र में तैनात तीन ग्राम विकास अधिकारियों को बुधवार को अधिकारियों ने निलंबित कर दिया। सभी ग्राम विकास अधिकारियों पर गंभीर आरोप थे। एक मामले में तो महसी विधायक को ही शिकायत करनी पड़ी। लगातार शिकायतें मिलने के कारण विकास महकमा लगातार कार्रवाई कर रहा है। विगत दिनों जरवल रोड विकास खंड क्षेत्र में तैनात दो सचिवों को निलंबित किया जा चुका है।
ग्राम विकास अधिकारी प्रवेश कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। अफसरों के मुताबिक, राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को रमवापुर कला में विधायक सुरेश्वर सिंह की उपस्थिति में ग्राम सभा की बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान विधायक ने प्रवेश कुमार से पूर्व में हुई ग्राम पंचायत की बैठक के कार्रवाई रजिस्टर की मांग की। पहले तो प्रवेश ने बताया कि रजिस्टर उसके पास नहीं बल्कि रोजगार सेवक के पास है। रोजगार सेवक के मना करने पर प्रवेश ने बताया कि रजिस्टर प्रधान के पास है। कुछ देर बाद उसने बताया कि रजिस्टर बहराइच में उसके कमरे में रखा है। विधायक ने कहा कि बहराइच जाकर लेकर आओ। इस दौरान विधायक को लगा कि ग्राम विकास सचिव प्रवेश शराब पीकर जवाब दे रहा है। ऐसे में उन्होंने प्रभारी चिकित्साधीक्षक से प्रवेश का चेकअप कराया। फिलहाल प्रवेश कुमार की इस हरकत पर अफसरों ने उसे निलंबित कर दिया।
महसी विकास खंड क्षेत्र में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अमरेश कुमार बिना अवकाश स्वीकृत कराए लगभग चार महीने तक कार्यक्षेत्र से नदारद रहे। आरोप है कि अमरेश कुमार ने छह अक्तूबर को अर्जित अवकाश का प्रार्थनापत्र दिया था जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि वह सिविल सेवा की तैयारी के लिए अवकाश चाहते हैं लेकिन सक्षम स्तर से स्वीकृति नहीं मिलने पर भी अमरेश ने कार्यक्षेत्र छोड़ दिया। अमरेश कुमार कहां हैं, यह किसी को पता नहीं। अफसरों ने अमरेश कुमार की हरकत को सेवा नियमावली के विपरीत मानते हुए निलंबित कर दिया।
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ग्राम विकास अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार पर आरोप है कि पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो आवास तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 में 18 आवास अपूर्ण हैं। वहीं, बरुआ बेहड़ एवं मुरौवा में पुष्पेंद्र ने समूह को मानदेय का भुगतान नहीं किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिवालय की स्थापना करने में छह ग्राम पंचायतों के लिए सामग्री क्रय करनी था, लेकिन अब तक सिर्फ एक गांव के लिए ऐसा किया गया। ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शून्य है। श्रमिकों का आधार सीडिंग भी नहीं कराया गया। एनएमएमएस के माध्यम से हाजिरी भी नहीं ली गई। किसी भी ग्राम पंचायत की कार्ययोजना तक प्रस्तुत नहीं की गई।
बहराइच। जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा (बीजेपी) ने जिलाधिकारी से विकास में अनियमितता की शिकायत की। उनके निर्देश पर जिला विकास अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। शिकायत थी कि ग्राम विकास अधिकारी ने नानपारा देहाती गांव में खड़ंजा निर्माण का धन निकाल लिया और काम अब तक नहीं हुआ। प्रकरण की जांच करने डीडीओ राजेश मिश्रा मौके पर पहुंचे तो पता चला कि ईंट एक दिन पहले गिराई गई है। डीडीओ ने बताया कि ईंट तब गिराई गई जब सचिव को पता चला कि शिकायत हो गई है। उन्होंने बताया कि अनियमितता पाई गई है। सख्त कार्रवाई होगी।
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ग्राम विकास अधिकारी प्रवेश कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। अफसरों के मुताबिक, राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को रमवापुर कला में विधायक सुरेश्वर सिंह की उपस्थिति में ग्राम सभा की बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान विधायक ने प्रवेश कुमार से पूर्व में हुई ग्राम पंचायत की बैठक के कार्रवाई रजिस्टर की मांग की। पहले तो प्रवेश ने बताया कि रजिस्टर उसके पास नहीं बल्कि रोजगार सेवक के पास है। रोजगार सेवक के मना करने पर प्रवेश ने बताया कि रजिस्टर प्रधान के पास है। कुछ देर बाद उसने बताया कि रजिस्टर बहराइच में उसके कमरे में रखा है। विधायक ने कहा कि बहराइच जाकर लेकर आओ। इस दौरान विधायक को लगा कि ग्राम विकास सचिव प्रवेश शराब पीकर जवाब दे रहा है। ऐसे में उन्होंने प्रभारी चिकित्साधीक्षक से प्रवेश का चेकअप कराया। फिलहाल प्रवेश कुमार की इस हरकत पर अफसरों ने उसे निलंबित कर दिया।
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महसी विकास खंड क्षेत्र में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अमरेश कुमार बिना अवकाश स्वीकृत कराए लगभग चार महीने तक कार्यक्षेत्र से नदारद रहे। आरोप है कि अमरेश कुमार ने छह अक्तूबर को अर्जित अवकाश का प्रार्थनापत्र दिया था जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि वह सिविल सेवा की तैयारी के लिए अवकाश चाहते हैं लेकिन सक्षम स्तर से स्वीकृति नहीं मिलने पर भी अमरेश ने कार्यक्षेत्र छोड़ दिया। अमरेश कुमार कहां हैं, यह किसी को पता नहीं। अफसरों ने अमरेश कुमार की हरकत को सेवा नियमावली के विपरीत मानते हुए निलंबित कर दिया।
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ग्राम विकास अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार पर आरोप है कि पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो आवास तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 में 18 आवास अपूर्ण हैं। वहीं, बरुआ बेहड़ एवं मुरौवा में पुष्पेंद्र ने समूह को मानदेय का भुगतान नहीं किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिवालय की स्थापना करने में छह ग्राम पंचायतों के लिए सामग्री क्रय करनी था, लेकिन अब तक सिर्फ एक गांव के लिए ऐसा किया गया। ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शून्य है। श्रमिकों का आधार सीडिंग भी नहीं कराया गया। एनएमएमएस के माध्यम से हाजिरी भी नहीं ली गई। किसी भी ग्राम पंचायत की कार्ययोजना तक प्रस्तुत नहीं की गई।
बहराइच। जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा (बीजेपी) ने जिलाधिकारी से विकास में अनियमितता की शिकायत की। उनके निर्देश पर जिला विकास अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। शिकायत थी कि ग्राम विकास अधिकारी ने नानपारा देहाती गांव में खड़ंजा निर्माण का धन निकाल लिया और काम अब तक नहीं हुआ। प्रकरण की जांच करने डीडीओ राजेश मिश्रा मौके पर पहुंचे तो पता चला कि ईंट एक दिन पहले गिराई गई है। डीडीओ ने बताया कि ईंट तब गिराई गई जब सचिव को पता चला कि शिकायत हो गई है। उन्होंने बताया कि अनियमितता पाई गई है। सख्त कार्रवाई होगी।