{"_id":"6206a2b871e87f5b6a322ea8","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6174105129","type":"story","status":"publish","title_hn":"मातृ वंदना योजना में जिला नंबर वन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मातृ वंदना योजना में जिला नंबर वन
विज्ञापन
बहराइच। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लक्ष्य के सापेक्ष 104 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर बहराइच ने मंडल में प्रथम व राज्य में चौथा स्थान हासिल किया है। अब तक जनपद में एक लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है। योजना के तहत प्रथम बार गर्भधारण करने वाली महिला व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के खाते में तीन किस्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जनवरी, 2017 से योजना शुरू हुई थी। इसमें जनपद ने लक्ष्य के सापेक्ष 104 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। योजना से जुड़े सभी लोग बधाई के पात्र हैं।
जिला कार्यक्रम सहायक दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकरण के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं । उन्होंने बताया कि बताया कि अब तक जनपद में एक लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है और पंजीकृत लाभार्थियों को 39 करोड़ 32 लाख 94 हजार रुपये का लाभ दिया जा चुका है।
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रवीण शर्मा ने बताया कि योजना से जुड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसमें आशा बहुएं व दूसरे स्वास्थ्य कार्यकर्ता मदद करते हैं। इसके अलावा स्वयं भी pmmvy-cas.nic.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 7998799804 पर भी मदद ली जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम सहायक दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकरण के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं । उन्होंने बताया कि बताया कि अब तक जनपद में एक लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है और पंजीकृत लाभार्थियों को 39 करोड़ 32 लाख 94 हजार रुपये का लाभ दिया जा चुका है।
विज्ञापन
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रवीण शर्मा ने बताया कि योजना से जुड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसमें आशा बहुएं व दूसरे स्वास्थ्य कार्यकर्ता मदद करते हैं। इसके अलावा स्वयं भी pmmvy-cas.nic.in पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 7998799804 पर भी मदद ली जा सकती है।
विज्ञापन