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संविदा कर्मियों ने प्राचार्य कार्यालय पर किया कब्जा
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बहराइच। बहराइच मेडिकल कॉलेज में सेवारत रहे संविदा कर्मी वार्ड ब्वॉय और स्टाफ नर्स ने वेतन का भुगतान कराने के लिए सोमवार को प्राचार्य कार्यालय पर कब्जा कर लिया। कुछ देर बाद पुलिस बुलानी पड़ी, लेकिन संविदाकर्मी मांगों को लेकर अड़े रहे। प्राचार्य ने बताया कि शासन से अपने स्तर पर भुगतान करने का आदेश तो प्राप्त हो गया है, लेकिन वित्त नियंत्रक ही वेतन भुगतान करेंगे। वहीं, जब बात नहीं बनी तो प्राचार्य और वित्त नियंत्रक को जिलाधिकारी के पास जाना पड़ा। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने शासन के निर्देशानुरूप भुगतान करने को कहा है। खबर लिखे जाने तक सभी वार्ड ब्वॉय और स्टाफ नर्स प्राचार्य कार्यालय में ही बैठे थे।
24 वार्ड ब्वॉय और 12 स्टाफ नर्स संविदा के आधार पर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत थे। करीब 13 महीने काम करने के बाद जब कोरोना की पहली लहर आई तो सभी को हटा दिया गया, लेकिन किसी का भुगतान नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि 13 महीने का वेतन बाकी है। करीब डेढ़ वर्ष से किसी भी संविदा कर्मी का भुगतान नहीं हो सका है। सभी ने जब शासन स्तर पर प्रयास किया तो प्राचार्य को वेतन जारी करने का आदेश हुआ। प्राचार्य बिना कारण बताए वेतन देने से परहेज करते रहे। सोमवार को तंग होकर संविदा कर्मी रजत रस्तोगी, विशाल कश्यप, अमित वर्मा, आदित्यमणि त्रिपाठी, राधामोहन पांडेय, विनोद गुप्ता, वृजेश कुमार, अभिषेक कुमार, संगीता कुमारी, निक्की शुक्ला, बिंदु देवी, सरिता यादव व वनदेवी सहित कई संविदा कर्मी प्राचार्य कार्यालय में घुस गए और कब्जा कर लिया।
मामला बिगड़ता देख प्राचार्य ने वित्त नियंत्रक पर टाल दिया। वित्त नियंत्रक ने प्राचार्य पर टाल दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं, जब प्राचार्य और वित्त नियंत्रक को कुछ नहीं सूझा तो सभी जिलाधिकारी के पास पहुंचे। जिलाधिकारी ने आदेश के अनुरूप भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। पता चला कि अब प्राचार्य सभी से वेतन भुगतान के लिए आवेदन मांग रहे हैं। डीएम ने बताया कि शासन से वेतन भुगतान का निर्देश हो चुका है। मामले के निस्तारण के लिए ट्रेजरी अफसर को लगा दिया गया है। उम्मीद है जल्द निदान हो जाएगा।
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24 वार्ड ब्वॉय और 12 स्टाफ नर्स संविदा के आधार पर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत थे। करीब 13 महीने काम करने के बाद जब कोरोना की पहली लहर आई तो सभी को हटा दिया गया, लेकिन किसी का भुगतान नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि 13 महीने का वेतन बाकी है। करीब डेढ़ वर्ष से किसी भी संविदा कर्मी का भुगतान नहीं हो सका है। सभी ने जब शासन स्तर पर प्रयास किया तो प्राचार्य को वेतन जारी करने का आदेश हुआ। प्राचार्य बिना कारण बताए वेतन देने से परहेज करते रहे। सोमवार को तंग होकर संविदा कर्मी रजत रस्तोगी, विशाल कश्यप, अमित वर्मा, आदित्यमणि त्रिपाठी, राधामोहन पांडेय, विनोद गुप्ता, वृजेश कुमार, अभिषेक कुमार, संगीता कुमारी, निक्की शुक्ला, बिंदु देवी, सरिता यादव व वनदेवी सहित कई संविदा कर्मी प्राचार्य कार्यालय में घुस गए और कब्जा कर लिया।
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मामला बिगड़ता देख प्राचार्य ने वित्त नियंत्रक पर टाल दिया। वित्त नियंत्रक ने प्राचार्य पर टाल दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं, जब प्राचार्य और वित्त नियंत्रक को कुछ नहीं सूझा तो सभी जिलाधिकारी के पास पहुंचे। जिलाधिकारी ने आदेश के अनुरूप भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। पता चला कि अब प्राचार्य सभी से वेतन भुगतान के लिए आवेदन मांग रहे हैं। डीएम ने बताया कि शासन से वेतन भुगतान का निर्देश हो चुका है। मामले के निस्तारण के लिए ट्रेजरी अफसर को लगा दिया गया है। उम्मीद है जल्द निदान हो जाएगा।
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