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तराई के किसानों का हुनर देखेंगे मुख्यमंत्री
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बहराइच। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 28 अक्तूबर को लगने वाली दो दिवसीय प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री फखरपुर के किसानों व युवाओं की प्रतिभा का अवलोकन करेंगे। बांस से निर्मित विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस कला को बढ़ावा देने के लिए 2600 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 414 किसान बांस की बोआई कर रहे हैं।
सिबिनॉट संस्था की ओर से उद्यान और वन विभाग से मिलकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बांस से बने उत्पादों का अवकलोकन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 28 व 29 अक्तूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदर्शनी में करेंगे। जिले के फखरपुर विकास खंड के मकनीपुरवा गांव में बांस की नर्सरी तैयार की जाती है। संस्था की डायरेक्टर के रत्ना ने बताया कि प्रदेश के कृषि बहुल 11 जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग किया जा रहा है ताकि किसान बांस की नर्सरी लगाएं और बांस से बनने वाले उत्पाद तैयार कर बिक्री करें। डायरेक्टर ने बताया कि फखरपुर के मकनीपुरवा स्थित नर्सरी से 414 किसानों को बांस लगाने के लिए दिया गया है। किसानों ने खेत में बांस लगा दिया है।
अब किसान बांस से निर्मित उत्पाद बना रहे हैं जिनकी बिक्री दूसरे जिलों में की जा रही है। डायरेक्टर ने बताया कि अब तक जिले के किसानों को 11 प्रजाति के बांस के पौध वितरित किए गए हैं। कैसरगंज के परसेंडी में फैक्टरी का संचालन किया जा रहा है। टेक्निकल कोऑर्डिनेटर मुकेश कुमार और कोऑर्डिनेटर विपिन कुमार यादव किसानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। लखनऊ में 28 व 29 अक्तूबर को आयोजित प्रदर्शनी में फर्नीचर, सोफा सेट, मेज, स्कूल बैग, बेबी पुल, टायलेट, नाव आदि की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संस्था की डायरेक्टर के रत्ना ने बताया कि प्रदेश के बहराइच, श्रावस्ती, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर व बाराबंकी समेत 11 जिलों में बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक छह हजार पौध किसान लगा चुके हैं।
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बांस की खेती के साथ इससे उत्पाद भी बनाए गए हैं। इनकी प्रदर्शनी लखनऊ में लगेगी। यह किसानों व युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का बेहतर तरीका है।
-मनीष सिंह, डीएफओ
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सिबिनॉट संस्था की ओर से उद्यान और वन विभाग से मिलकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बांस से बने उत्पादों का अवकलोकन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 28 व 29 अक्तूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदर्शनी में करेंगे। जिले के फखरपुर विकास खंड के मकनीपुरवा गांव में बांस की नर्सरी तैयार की जाती है। संस्था की डायरेक्टर के रत्ना ने बताया कि प्रदेश के कृषि बहुल 11 जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग किया जा रहा है ताकि किसान बांस की नर्सरी लगाएं और बांस से बनने वाले उत्पाद तैयार कर बिक्री करें। डायरेक्टर ने बताया कि फखरपुर के मकनीपुरवा स्थित नर्सरी से 414 किसानों को बांस लगाने के लिए दिया गया है। किसानों ने खेत में बांस लगा दिया है।
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अब किसान बांस से निर्मित उत्पाद बना रहे हैं जिनकी बिक्री दूसरे जिलों में की जा रही है। डायरेक्टर ने बताया कि अब तक जिले के किसानों को 11 प्रजाति के बांस के पौध वितरित किए गए हैं। कैसरगंज के परसेंडी में फैक्टरी का संचालन किया जा रहा है। टेक्निकल कोऑर्डिनेटर मुकेश कुमार और कोऑर्डिनेटर विपिन कुमार यादव किसानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। लखनऊ में 28 व 29 अक्तूबर को आयोजित प्रदर्शनी में फर्नीचर, सोफा सेट, मेज, स्कूल बैग, बेबी पुल, टायलेट, नाव आदि की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संस्था की डायरेक्टर के रत्ना ने बताया कि प्रदेश के बहराइच, श्रावस्ती, गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर व बाराबंकी समेत 11 जिलों में बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक छह हजार पौध किसान लगा चुके हैं।
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बांस की खेती के साथ इससे उत्पाद भी बनाए गए हैं। इनकी प्रदर्शनी लखनऊ में लगेगी। यह किसानों व युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का बेहतर तरीका है।
-मनीष सिंह, डीएफओ