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तकनीकी कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित हैं 50 से अधिक छात्र
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बहराइच। समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। एक कॉलेज के 50 से अधिक छात्र ऐसे हैं, जिनके आवेदन ही तकनीकी कारणों से स्वीकार नहीं हो पा रहे हैं। ऐसा कॉलेज का नाम बदलने से हुआ है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रतिवर्ष छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। बहराइच शहर से मरौचा जाने वाले मार्ग पर स्थित डॉ. सर्वेश शुक्ला पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में करीब 66 छात्र डिप्लोमा इन फार्मेसी कर रहे हैं। बीते वर्ष इन सभी ने आवेदन किया था। तब महज आठ छात्रों को ही छात्रवृत्ति मिल सकी थी। इस बार कॉलेज का नाम बदल गया और अब डॉ. सर्वेश शुक्ला फार्मेसी इंस्टीट्यूट हो गया है। जबकि विभाग के पोर्टल पर यह नाम ही नहीं दर्ज हुआ है। ऐसे में छात्र चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सर्वेश शुक्ला का कहना है कि विश्वविद्यालय से बात कर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
कॉलेज के छात्र अंबरीष कुमार प्रजापति, आदर्श सोनी, दिनेश वर्मा, बलवंत सिंह, रिंकू सिंह, संदीप कुमार नाग, सुशील यादव, दीपक पाल, कार्तिकेय शुक्ला आदि ने बताया कि करीब 45 हजार की छात्रवृत्ति प्रति छात्र मिलनी है। बीते साल भी यह नहीं मिली थी। इस बार भी समस्या के चलते फॉर्म नहीं भरा जा पा रहा है।
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समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर कॉलेज का नाम बदलने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से संशोधन किया जाएगा। इसमें विभाग कुछ नहीं कर सकता है
- नलिन राज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बहराइच
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समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रतिवर्ष छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। बहराइच शहर से मरौचा जाने वाले मार्ग पर स्थित डॉ. सर्वेश शुक्ला पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में करीब 66 छात्र डिप्लोमा इन फार्मेसी कर रहे हैं। बीते वर्ष इन सभी ने आवेदन किया था। तब महज आठ छात्रों को ही छात्रवृत्ति मिल सकी थी। इस बार कॉलेज का नाम बदल गया और अब डॉ. सर्वेश शुक्ला फार्मेसी इंस्टीट्यूट हो गया है। जबकि विभाग के पोर्टल पर यह नाम ही नहीं दर्ज हुआ है। ऐसे में छात्र चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सर्वेश शुक्ला का कहना है कि विश्वविद्यालय से बात कर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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कॉलेज के छात्र अंबरीष कुमार प्रजापति, आदर्श सोनी, दिनेश वर्मा, बलवंत सिंह, रिंकू सिंह, संदीप कुमार नाग, सुशील यादव, दीपक पाल, कार्तिकेय शुक्ला आदि ने बताया कि करीब 45 हजार की छात्रवृत्ति प्रति छात्र मिलनी है। बीते साल भी यह नहीं मिली थी। इस बार भी समस्या के चलते फॉर्म नहीं भरा जा पा रहा है।
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समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर कॉलेज का नाम बदलने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से संशोधन किया जाएगा। इसमें विभाग कुछ नहीं कर सकता है
- नलिन राज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बहराइच