{"_id":"616f00aa5c7a2a7c465d964e","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6007587138","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी बारिश बनी मुसीबत, 25 गांव पानी से घिरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी बारिश बनी मुसीबत, 25 गांव पानी से घिरे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महसी/बिछिया (बहराइच)। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश मुसीबत का सबब बन गई है। मिहींपुरवा में जहां 25 गांव पानी से घिर गए हैं, वहीं महसी में ग्रामीणों को माइक से घोषणा कर जागरूक किया जा रहा है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी का जलस्तर एक मिनट में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन भी पल-पल की सूचनाएं ले रहा है।
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। मंगलवार को मिहींपुरवा के तीन बैराज से 4.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने राजस्व कर्मियों की मदद से नदी के उस पार बसे लोगों को सतर्क किया। राजस्वकर्मी माइक से घोषणा कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की कवायद कर रहे हैं। उपजिलाधिकारी ने तहसील की सभी बाढ़ चौकियों के साथ राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया है।
उधर, मिहींपुरवा में पानी अधिक होने से कतर्नियाघाट से निकलने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ने से सीमावर्ती गांव पानी से घिर गए हैं। क्षेत्र के चहलवा, दूधनाथपुरवा, जंगल गुलरिया, संपतपुरवा, नईबस्ती, टिलवा, धर्मपुर रेतिया व मौरहवा समेत 25 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। खेतों में लगी धान की फसल भी पानी से बर्बाद हो गई है। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार के मुताबिक, क्लोजर से सूखी नदी भी पानी के चलते लबालब हो गई है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि महसी में नदी का जलस्तर चार बजे से एक सेंटीमीटर प्रति मिनट की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि महसी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसको देखते हुए एसडीओ बीबी पाल की अगुवाई में छह अवर व दो सहायक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। बोरियां बालू से भरवाई जा रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर जिले में दिखने लगा है। मंगलवार को मिहींपुरवा के तीन बैराज से 4.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने राजस्व कर्मियों की मदद से नदी के उस पार बसे लोगों को सतर्क किया। राजस्वकर्मी माइक से घोषणा कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की कवायद कर रहे हैं। उपजिलाधिकारी ने तहसील की सभी बाढ़ चौकियों के साथ राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया है।
विज्ञापन
उधर, मिहींपुरवा में पानी अधिक होने से कतर्नियाघाट से निकलने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ने से सीमावर्ती गांव पानी से घिर गए हैं। क्षेत्र के चहलवा, दूधनाथपुरवा, जंगल गुलरिया, संपतपुरवा, नईबस्ती, टिलवा, धर्मपुर रेतिया व मौरहवा समेत 25 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। खेतों में लगी धान की फसल भी पानी से बर्बाद हो गई है। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार के मुताबिक, क्लोजर से सूखी नदी भी पानी के चलते लबालब हो गई है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि महसी में नदी का जलस्तर चार बजे से एक सेंटीमीटर प्रति मिनट की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि महसी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसको देखते हुए एसडीओ बीबी पाल की अगुवाई में छह अवर व दो सहायक अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। बोरियां बालू से भरवाई जा रही हैं। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।