{"_id":"614cb7528ebc3e01264e9671","slug":"bahraich-bahraich-news-lko596928713","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान मेें गुरुवार को अपनी मांगों के समर्थन मेें प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर तत्काल विचार कर पूरा किए जाने की मांग की।
विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन मेें संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा सैनिक कल्याण निगम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को 24 हजार रूप मेें अनुबंध किया गया है। जबकि समान रूप व समान पद पर तैनात ठेकेदारी संविदाकारों के माध्यम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध महज 11 हजार रुपये में किया गया है। जिलाध्यक्ष जेपी तिवारी ने कहा कि प्रबंधन की दोहरी नीति से कर्मचारियों में गुस्सा है।
पदाधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा अन्य कई मांगों को लेकर भी 7 से 9 सितंबर को लखनऊ के आलमबाग स्थित इको गार्डेन पर संगठन की ओर से प्रदर्शन किया गया था। धरने के दौरान प्रबंधन द्वारा 22 सितंबर तक मांगों का परीक्षण कराने के बाद पूरा किए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन इस दौरान संगठन व प्रबंधन की बीच हुई वार्ता मेें प्रबंधन की ओर से हिटलरशाही करते हुए मांगों पर विचार तक नहीं किया गया।
विज्ञापन
ऐसी स्थित में संगठन के पदाधिकारियों मेें गहरा आक्रोश है। ऐसे मेें संगठन की अगुवाई मेें कर्मचारियों ने लामबंद होकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन मेें पुन: चरणबद्ध तरीके से धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष जेपी तिवारी ने अधीक्षण अभियंता से मांगों को तत्काल सहानुभूति पूर्वक विचार कर पूरा किए जाने की मांग की है। मांगे पूरी न होने पर सभी आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता को सौंपे गए ज्ञापन मेें संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा सैनिक कल्याण निगम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को 24 हजार रूप मेें अनुबंध किया गया है। जबकि समान रूप व समान पद पर तैनात ठेकेदारी संविदाकारों के माध्यम से तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध महज 11 हजार रुपये में किया गया है। जिलाध्यक्ष जेपी तिवारी ने कहा कि प्रबंधन की दोहरी नीति से कर्मचारियों में गुस्सा है।
विज्ञापन
पदाधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा अन्य कई मांगों को लेकर भी 7 से 9 सितंबर को लखनऊ के आलमबाग स्थित इको गार्डेन पर संगठन की ओर से प्रदर्शन किया गया था। धरने के दौरान प्रबंधन द्वारा 22 सितंबर तक मांगों का परीक्षण कराने के बाद पूरा किए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन इस दौरान संगठन व प्रबंधन की बीच हुई वार्ता मेें प्रबंधन की ओर से हिटलरशाही करते हुए मांगों पर विचार तक नहीं किया गया।
विज्ञापन
ऐसी स्थित में संगठन के पदाधिकारियों मेें गहरा आक्रोश है। ऐसे मेें संगठन की अगुवाई मेें कर्मचारियों ने लामबंद होकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन मेें पुन: चरणबद्ध तरीके से धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष जेपी तिवारी ने अधीक्षण अभियंता से मांगों को तत्काल सहानुभूति पूर्वक विचार कर पूरा किए जाने की मांग की है। मांगे पूरी न होने पर सभी आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।