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अब गन्ने के खेत में मिले बच्चों के कपड़े व चप्पलें
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फखरपुर (बहराइच)। फखरपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गला रेतकर हत्या करने के बाद मिले शवों का सिलसिला थमा तो अब बच्चों के कपड़े व चप्पलें मिलनी शुरू हो गई हैं। गन्ने के खेत में बच्चों के कपड़े व चप्पलें मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में कपड़े व अन्य सामान कब्जे में ले लिया है। कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों को पुलिस ने फोटो खींचने से मना कर दिया। कपड़े व चप्पलें मिलने से क्षेत्र में कोई और अनहोनी होने की आशंका जताई जा रही है। पूरे इलाके में दहशत बनी हुई है तो पुलिस अब तक खाली हाथ ही दिख रही है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव में शनिवार सुबह गन्ने के खेत में दो बच्चों के गले रेते हुए शव मिले थे जिनकी शिनाख्त नहीं हो सकी। रविवार को इसी थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में एक महिला की सिर कटी लाश व मासूम बच्ची का शव मिला। दोनों की गला रेतकर हत्या करने के बाद खेत में शव फेंका गया। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर ही रही थी कि सोमवार सुबह इसी थाना क्षेत्र के खपुरवा गांव में गन्ने के खेत में बच्चों के कपड़े मिले।
बताया जाता है कि मोढ़ेपुरवा गांव निवासी महादेव यादव नित्य क्रिया के लिए जा रहे थे। खपुरवा निवासी मनोज वर्मा के खेत में लोवर, टीशर्ट, बनियान, नेकर, शर्ट दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चौकीदार इंद्रजीत वर्मा को दी और चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस खेत में मिले कपड़े व चप्पल कब्जे में लेकर चली गई। गांव में चर्चा है कि हो सकता है कि कहीं फिर कोई बड़ी वारदात हुई हो और कपड़े यहां बरामद हुए हों गांव में किसी अनहोनी की चर्चा जोरों पर है।
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गन्ने के खेत में बच्चों के कपड़े मिलने की सूचना पर कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फोटो खींचने से मना कर दिया। पुलिस कर्मियों ने कहा कि यह मामला हत्याकांड से नहीं जुड़ा है इसलिए इसकी फोटो न खींचिए और पुलिस कपड़े लेकर चली गई।
जब इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह, कैसरगंज सीओ कमलेश सिंह व फखरपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार के सीयूजी नंबर पर कॉल कर जानकारी लेने की कोशिश की गई तो फोन नहीं उठा।
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फखरपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव में शनिवार सुबह गन्ने के खेत में दो बच्चों के गले रेते हुए शव मिले थे जिनकी शिनाख्त नहीं हो सकी। रविवार को इसी थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में एक महिला की सिर कटी लाश व मासूम बच्ची का शव मिला। दोनों की गला रेतकर हत्या करने के बाद खेत में शव फेंका गया। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर ही रही थी कि सोमवार सुबह इसी थाना क्षेत्र के खपुरवा गांव में गन्ने के खेत में बच्चों के कपड़े मिले।
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बताया जाता है कि मोढ़ेपुरवा गांव निवासी महादेव यादव नित्य क्रिया के लिए जा रहे थे। खपुरवा निवासी मनोज वर्मा के खेत में लोवर, टीशर्ट, बनियान, नेकर, शर्ट दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चौकीदार इंद्रजीत वर्मा को दी और चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस खेत में मिले कपड़े व चप्पल कब्जे में लेकर चली गई। गांव में चर्चा है कि हो सकता है कि कहीं फिर कोई बड़ी वारदात हुई हो और कपड़े यहां बरामद हुए हों गांव में किसी अनहोनी की चर्चा जोरों पर है।
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गन्ने के खेत में बच्चों के कपड़े मिलने की सूचना पर कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने फोटो खींचने से मना कर दिया। पुलिस कर्मियों ने कहा कि यह मामला हत्याकांड से नहीं जुड़ा है इसलिए इसकी फोटो न खींचिए और पुलिस कपड़े लेकर चली गई।
जब इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह, कैसरगंज सीओ कमलेश सिंह व फखरपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार के सीयूजी नंबर पर कॉल कर जानकारी लेने की कोशिश की गई तो फोन नहीं उठा।