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महिला सिपाही को खरोंच आने पर बस चालक को थाने में पीटा, चक्का जाम
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बहराइच। गोंडा से बहराइच आने वाली बस से डीएम चौराहे पर उतरते समय महिला सिपाही को खरोंच आ गई। महिला सिपाही ने चालक की गलती ठहराते हुए फटकार लगाई। उसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ रोडवेज बस स्टेशन पहुंचकर चालक को पूछताछ करने का हवाला देते हुए थाने में लाकर रात भर पिटाई की। दूसरे दिन जानकारी होने पर बस चालक यूनियन के पदाधिकारियों ने हंगामा काटा तो पुलिसकर्मी सकते में आ गए। आनन-फानन चालक को छोड़ा तो शरीर पर चोट के निशान दिखाए। चोट का निशान देखकर साथी भड़क उठे और रोडवेज बस स्टेशन पर चक्का जामकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। चार घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस ने पूरी घटना को सिर्फ संयोगवश बताकर पल्ला झाड़ लिया और चालक से सुलहनामा लिखाकर मामला रफादफा कर दिया।
बहराइच डिपो बस संख्या यूपी 40 टी-0891 के चालक उमेश कुमार तिवारी शुक्रवार की शाम गोंडा से सवारी लेकर बहराइच के लिए आ रहे थे। बस में बिना वर्दी के महिला सिपाही भी सवार थी। बताया जाता है कि बस डीएम तिराहे के पास यात्रियों को उतारने के लिए रुकी। इसी दौरान बस में सवार महिला सिपाही कोमल यादव भी उतरने लगी। बस से उतरते समय महिला सिपाही के हाथ में खरोच आ गई। महिला सिपाही ने हनक दिखाते हुए पहले तो बस चालक को फटकार लगाई। आरोप है कि उसके बाद कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों के साथ रोडवेज बस स्टेशन पहुंचकर आरोपी चालक को महिला थाने ले आई। आरोप है कि वहां रात भर अपने सहयोगियों के साथ चालक की पिटाई की।
मामले की जानकारी शनिवार को रोडवेज बस यूनियन को हुई तो सभी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष वीडी मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष हसन अस्करी, नंदलाल शर्मा, शाखा मंत्री संजीव दूबे, फहीम खान, शमसुद्दीन, नवीन दूबे, शानू खान आदि की अगुवाई मेें एकत्र होकर महिला थाने पहुंचे। हंगामा बढ़ता देख हिरासत में लिए गए चालक उमेश कुमार तिवारी को छोड़ दिया गया। पुलिस हिरासत से बाहर आते ही चालक ने रात भर हुई पिटाई से सिर व पीठ में आई चोट का निशान दिखाया। इससे कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंचकर बस का चक्का जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे तक चक्का जाम रहा और बस चालक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर चालक व कर्मचारियों पर दबाव बनाया। काफी दबाव के बाद आखिरकार चालकों को मानना पड़ा। लगभग चार घंटे बाद बस का संचालन फिर से शुरू हुआ।
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शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे से ही बस का चक्का जाम होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बस का संचालन ठप होने से यात्रियों को प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ा। जिससे प्राइवेट वाहनस्वामियों की चांदी रही।
बस से उतरते समय महिला सिपाही को गिरने से मामूली चोट आ गई थी। इस बात को लेकर चालक से कुछ कहासुनी हो गई थी। इसके बाद बस चालकों ने चक्का जाम कर दिया था। अधिकारियों से वार्ता करके चालकों को समझाकर मामले को खत्म कराया गया। घटना संयोग वश हुई है।
- श्रीप्रकाश त्रिपाठी, प्रभारी नगर कोतवाल
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बहराइच डिपो बस संख्या यूपी 40 टी-0891 के चालक उमेश कुमार तिवारी शुक्रवार की शाम गोंडा से सवारी लेकर बहराइच के लिए आ रहे थे। बस में बिना वर्दी के महिला सिपाही भी सवार थी। बताया जाता है कि बस डीएम तिराहे के पास यात्रियों को उतारने के लिए रुकी। इसी दौरान बस में सवार महिला सिपाही कोमल यादव भी उतरने लगी। बस से उतरते समय महिला सिपाही के हाथ में खरोच आ गई। महिला सिपाही ने हनक दिखाते हुए पहले तो बस चालक को फटकार लगाई। आरोप है कि उसके बाद कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों के साथ रोडवेज बस स्टेशन पहुंचकर आरोपी चालक को महिला थाने ले आई। आरोप है कि वहां रात भर अपने सहयोगियों के साथ चालक की पिटाई की।
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मामले की जानकारी शनिवार को रोडवेज बस यूनियन को हुई तो सभी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष वीडी मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष हसन अस्करी, नंदलाल शर्मा, शाखा मंत्री संजीव दूबे, फहीम खान, शमसुद्दीन, नवीन दूबे, शानू खान आदि की अगुवाई मेें एकत्र होकर महिला थाने पहुंचे। हंगामा बढ़ता देख हिरासत में लिए गए चालक उमेश कुमार तिवारी को छोड़ दिया गया। पुलिस हिरासत से बाहर आते ही चालक ने रात भर हुई पिटाई से सिर व पीठ में आई चोट का निशान दिखाया। इससे कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंचकर बस का चक्का जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे तक चक्का जाम रहा और बस चालक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर चालक व कर्मचारियों पर दबाव बनाया। काफी दबाव के बाद आखिरकार चालकों को मानना पड़ा। लगभग चार घंटे बाद बस का संचालन फिर से शुरू हुआ।
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शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे से ही बस का चक्का जाम होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बस का संचालन ठप होने से यात्रियों को प्राइवेट वाहन का सहारा लेना पड़ा। जिससे प्राइवेट वाहनस्वामियों की चांदी रही।
बस से उतरते समय महिला सिपाही को गिरने से मामूली चोट आ गई थी। इस बात को लेकर चालक से कुछ कहासुनी हो गई थी। इसके बाद बस चालकों ने चक्का जाम कर दिया था। अधिकारियों से वार्ता करके चालकों को समझाकर मामले को खत्म कराया गया। घटना संयोग वश हुई है।
- श्रीप्रकाश त्रिपाठी, प्रभारी नगर कोतवाल