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वीडीओ ने डोंगल बनाकर निकाल लिए 1.08 लाख रुपये
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फखरपुर (बहराइच)। भूपानी गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के चाहरदीवारी के निर्माण में लंबा खेल खेला गया। ग्राम प्रधान ने डोंगल बनाकर 87 हजार निकाले जाने की शिकायत की। मगर जांच में पता चला कि वीडीओ ने 1.08 लाख से अधिक राशि निकाल ली है। एडीओ पंचायत ने इसकी तहरीर थाने में दी है। लेकिन अभी तक मुकदमा नहीं दर्ज किया गया है।
विकास खंड फखरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भूपानी के ग्राम प्रधान रामऔतार ने बीडीओ को पत्र देकर ग्राम विकास अधिकारी अनूप कुमार पाल पर बिना उनकी जानकारी के डोंगल बनवाकर पैसा निकाले जाने का आरोप लगाया था। इसकी जांच बीडीओ ने आरईएस के अवर अभियंता से कराई। जिसमें सामने आया कि 7 लाख से अधिक में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निर्माण की स्वीकृति ली गई थी। मगर इसमें गड़बड़ी करते हुए मनरेगा की जगह मजदूरों के पैसे का भुगतान राज्य वित्त से कर दिया गया। करीब 1.08 लाख रुपये की बंदरबांट सामने आई। एडीओ पंचायत गुलामुद्दीन जिलानी ने इसकी तहरीर थाने में दी। अभी तक केस नहीं दर्ज किया गया है।
ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण कार्य के बिल और बाउचर ग्राम विकास अधिकारी अनूप पाल ने लगा दिए थे। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान से बिल और बाउचर को सत्यापित ही नहीं कराया गया। राज्य वित्त से करीब 48,277 रुपये का भुगतान कर लिया गया। जबकि मनरेगा का भुगतान राज्य वित्त से किया ही नहीं जा सकता है।
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एडीओ पंचायत ने बताया कि भूपानी गांव में निर्माण में हुई धांधली के संबंध में तहरीर दी गई थी। मगर इसमें नियोक्ता की सहमति जरूरी होती है। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर सहमति मांगी गई है।
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विकास खंड फखरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भूपानी के ग्राम प्रधान रामऔतार ने बीडीओ को पत्र देकर ग्राम विकास अधिकारी अनूप कुमार पाल पर बिना उनकी जानकारी के डोंगल बनवाकर पैसा निकाले जाने का आरोप लगाया था। इसकी जांच बीडीओ ने आरईएस के अवर अभियंता से कराई। जिसमें सामने आया कि 7 लाख से अधिक में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निर्माण की स्वीकृति ली गई थी। मगर इसमें गड़बड़ी करते हुए मनरेगा की जगह मजदूरों के पैसे का भुगतान राज्य वित्त से कर दिया गया। करीब 1.08 लाख रुपये की बंदरबांट सामने आई। एडीओ पंचायत गुलामुद्दीन जिलानी ने इसकी तहरीर थाने में दी। अभी तक केस नहीं दर्ज किया गया है।
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ग्राम पंचायत में होने वाले निर्माण कार्य के बिल और बाउचर ग्राम विकास अधिकारी अनूप पाल ने लगा दिए थे। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान से बिल और बाउचर को सत्यापित ही नहीं कराया गया। राज्य वित्त से करीब 48,277 रुपये का भुगतान कर लिया गया। जबकि मनरेगा का भुगतान राज्य वित्त से किया ही नहीं जा सकता है।
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एडीओ पंचायत ने बताया कि भूपानी गांव में निर्माण में हुई धांधली के संबंध में तहरीर दी गई थी। मगर इसमें नियोक्ता की सहमति जरूरी होती है। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर सहमति मांगी गई है।